काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर शुरू हुई गंगा की विश्व प्रसिद्ध आरती , श्रद्धालुओं को महादेव के साथ माँ गंगा का मिलेगा आशीर्वाद
काशी में आज काशी विश्वनाथ के द्वार भव्य गंगा पूजन की शुरुआत की गई , काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की हुबहू झलक आज पहले बार गंगा द्वार पर नजर आई , बड़ी बात ये है कि नाव संवत्सर और नवरात्र के पहले दिन की संध्या पर शुरू हुई यह गंगा आरती अब से प्रत्येक शाम की जाएगी , जिसमें श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के साथ माँ गंगा का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा
वाराणसी के ललिता घाट यानी काशी विश्वनाथ के गंगा घाट पर यह विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की शुरुआत की गई है , श्री काशी विश्वनाथ धाम न्यास ने इस आरती की शुरुआत की है , जो अब प्रत्येक शाम की जाएगी , यह आरती ठीक उसी तरह होगी ,जिस तरह वाराणसी के दशाश्वमेघ घाट पर होती है , सात अर्चक , घंटा घड़ियाल और वही धोती और कुर्ता और शंखनाद का ध्वनि सुनाई देगा , डमरुओं के थाप के साथ हर हर महादेव के जयकारे में जय माँ गंगा का भी जयकारा शामिल होगा , विश्वनाथ धाम ने यह पहल काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुरू की है , साथ ही माँ गंगा और महादेव का एक साथ दर्शन का भी लाभ श्रद्धालुओं को देने के लिए शुरू किया गया है
बताते चलें इस शुरुआत से जहाँ बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा का आशीर्वाद एक साथ मिलेगा ,तो वहीं काशी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का संतुलन भी बनने में सहयोग करेगा , क्योंकि दशाश्वमेघ घाट पर आरती देखने वालो की भीड़ काफ़ी ज़्यादा होती है अब यह भीड़ गंगा द्वार पर भी वही आरती देखेगी जो दशाश्वमेघ पर पर देखती आ रही है , ऐसे के श्रद्धालुओं को ज़्यादा सुविधा मिलेगी ,
चैत्र नवरात्रि के पावन प्रथम दिवस, विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का भव्य शुभारंभ आज संपन्न हुआ। इस दिव्य क्षण की प्रतीक्षा सम्पूर्ण विश्वेश्वर भक्तों को लंबे समय से थी। गंगा आरती में श्री रविंद्र जायसवाल, श्री नीलकंठ तिवारी, श्री धर्मेंद्र सिंह, श्री अवधेश सिंह, मंडलायुक्त महोदय श्री एस राज लिंगम, जिलाधिकारी महोदय श्री सत्येंद्र कुमार वह अन्य विशिष्ट गणमान्य जनों की उपस्थिति रही I
आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने करताल ध्वनि तथा “जय माँ गंगा” के जयघोष से सम्पूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गंगा तट पर उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत श्रद्धा एवं आस्था के साथ आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
प्रथम दिवस पर ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा माँ गंगा की आरती में अपना विशेष योगदान प्रदान किया। इस आयोजन ने भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम संगम प्रस्तुत किया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा यह आयोजन जनमानस की आस्था को सुदृढ़ करने तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं नवीन पुनीत कार्यों के नवाचार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास है।







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