वाराणसी ;- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान’ का किया भव्य शुभारंभ
वाराणसी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में स्कूली बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के 5 निपुण विद्यालयों, 5 निपुण बच्चों एवं 5 नवप्रवेशी छात्रों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश निर्माण में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, और इसमें शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों की भी अहम भागीदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों का बेहतर उपयोग कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता की कमी थी और नकल जैसी प्रवृत्तियों ने बच्चों के भविष्य को प्रभावित किया। लेकिन वर्ष 2017 के बाद उनकी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिसका परिणाम है कि आज सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है और समाज का हर वर्ग अपने बच्चों को इन विद्यालयों में भेजने के लिए आगे आ रहा है।
इस मौके पर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने भी बेसिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में वाराणसी के कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।
स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम को जनांदोलन बनाए- योगी आदित्यनाथ
शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं
यह मनुष्य को मनुष्य बनाने, उसे संस्कारी बनाने, समाज और राष्ट्र को गढ़ने का सशक्त माध्यम है-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे
वाराणसी से शुरू हुआ ‘स्कूल चलो अभियान’, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मिल योजना के अंतर्गत बने भोजन को अपने हाथों परोस कर पवाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल कालभैरव एवं देवाधिदेव महादेव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत् दर्शन पूजन किया

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को और सशक्त बनाने तथा हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ शनिवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने इसे जनांदोलन बनाने की मौके पर मौजूद लोगों से अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान के लिए शिक्षा विभाग को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2017 में सरकार बनने पर 01 जुलाई को जब इस अभियान का शुरुआत किया गया था। तब उससे पहले कई जनपदों में विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण करने का अवसर मिला, तो पाया कि विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति रही, विद्यालय बंदी के कगार पर रहे। एक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया था कि उनके विद्यालय में लगातार कम हो रहे हैं, बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं, मात्र 10 बच्चे हैं, यह अगले सत्र में शायद ही आए, तो मैने पूछा कि यह बच्चे फिर कहा जा रहे है। तब उन्होंने बताया कि बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है, तो हमने कहा था कि पढ़ने में रुचि नहीं है, या पढ़ाने की रुचि नहीं है। इन दोनों में अंतर है। बच्चों के जिज्ञासा को बढ़ाना हमारा काम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है। यह मनुष्य को मनुष्य बनाने, उसे संस्कारी बनाने, समाज और राष्ट्र को गढ़ने का सशक्त माध्यम है और, जब इसके योजक के रूप में ईश्वर ने हमें जिम्मेदारी दी है, तो यदि हम अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे, तो इसके बेहतरीन परिणाम आयेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने अपनी उन्होंने अच्छी भूमिका निभाई है। आपरेशन कायाकल्प योजना को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। भारत सरकार के नीति आयोग ने भी देश के अंदर सेक्सस स्टोरी में उत्तर प्रदेश के हिस्से में इस अभियान को दिया है कि कैसे 1 लाख 36 हजार से अधिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाये उपलब्ध कराया गया। आपरेशन निपुण के माध्यम से शिक्षा के प्रति बच्चों में जिज्ञासा बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले शिक्षा की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले की सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न सामान्य या किसी बच्चे के बारे में चिंता रही, क्योंकि उनके लोग नकल कराते थे। नकल कराने के लिए उनके लिए आवश्यक थे कि विद्यालयों में पठन पाठन न हों, भले ही बच्चों के भविष्य पर इसका गलत असर पड़े। उनके कोई चिंता नहीं रहा, उनका काम चलता था। उन्होंने कहा कि काम चलाऊ व्यवस्था से समाज का उन्नयन नहीं होता है। राष्ट्र सशक्त नहीं होता है। समृद्ध की नई ऊंचाईयां है नहीं प्राप्त कर सकते। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक समानता लानी है, सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी धरती पर उतरनी है तो हमको, सबको शिक्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आ गया है। उन्होंने इसे जीरो किये जाने हेतु शिक्षकों से अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 80 हजार करोड़ से अधिक धनराशि बेसिक शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है। जहां पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, वहां उन ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय खोलने की व्यवस्था इस बार बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा में दाखिला होने पर बच्चे बच्चियों को दो बार क्रमशः 15 अप्रैल को प्रथम एवं 15 जुलाई को द्वितीय चरण में निःशुल्क ड्रेस, पाठ्य पुस्तक आदि सामग्री दी जा रही है। इसके लिये सीधे बच्चों के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख बच्चियों को प्रदेश में सुमंगला योजना से पैसा देकर लाभान्वित किया जा रहा है। शिक्षा के अलख घर-घर में जाने के लिए 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत अपने अपने क्षेत्र के हर घर पर दस्तक दे। कोई भी बच्चा शिक्षा से कत्तई वंचित न रहने पाए। मुख्यमंत्री ने लोगो को सचेत करते हुए कहा कि जब बच्चा साक्षर होता है, तो समाज का विकास होगा, प्रदेश समृद्ध होगा, लेकिन जब बच्चे निरक्षर होगे, तो समाज निर्धन, प्रदेश बीमारू होगा। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक विद्यालय में बालक- बालिकाओं के लिये टॉयलेट की अलग-अलग, पेयजल की समुचित व्यवस्था है। विद्यालयों की व्यवस्था में अमूल चूल परिवर्तन हुआ है। उन्होंने स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए इसे जनांदोलन बनाने पर विशेष जोर देते हुए सभी को इससे जुड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति और समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चा स्कूल जाए, नियमित रूप से पढ़ाई करे और एक सशक्त नागरिक के रूप में विकसित हो। उन्होंने कहा, “यदि कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो यह केवल उस परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे शिक्षा से जोड़ा जाए।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। ‘स्कूल चलो अभियान’ का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, ड्रॉपआउट दर को कम करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में बड़ा एवं यशस्वी बनने का अवसर आता है, और यदि वह उसका लाभ लेता है, उसके अनुरूप अपने को ढाल लेता है, वह यशस्वी बन जाता है, और जो उससे वंचित रह जाता है, वह जीवन भर अपने कीर्तियों के लिए कुड़ता रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि यह कुड़ने का समय नहीं यशस्वी बनने का समय है। राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बने, बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाए।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्यमंत्री को स्वागत करते हुए कहा कि विद्या धन बांटने से बढ़ता है। स्कूल चलो अभियान मात्र एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने वाला अभियान है। पिछले 9 वर्षों में परिषदीय विद्यालय का तस्वीर बदली गई हैं। 19 पैरामीटर में 97 फीसदी की उपलब्धि हासिल किया गया। जिससे बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों का विश्वास परिषदीय विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। जिसका परिणाम है कि ड्रॉप डाउन रेट घटा है। परिषदीय विद्यालय के बच्चे निपुण होते जा रहे हैं। 746 कस्तूरबा विद्यालय प्रदेश में संचालित है। पूर्व में यह कक्षा 8 तक संचालित होता रहा है। सरकार ने इसे इंटर तक संचालित करने का निर्णय लिया है। स्कूल चलो अभियान को अभी लोग गंभीरता से लेते हुए हरेक व्यक्ति की जिम्मेदारी हैं कि उनके ही नहीं बल्कि जो उनके आसपास के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, उनका दाखिला अपने पास के प्राथमिक विद्यालय में अवश्य कराए।
श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि गरीबों के जीवन में बुनियादी बदलाव कैसे लाया जाय, यह चिंता करते शुरू से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखा गया है। अटल आवासीय विद्यालय की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मजदूर के बच्चे अब टाट पर नहीं बल्कि बेंच पर बैठकर पढ़ाई कर रहे है। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से मजदूरों के बच्चों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव सुनिश्चित कराया गया। उन्होंने बताया कि गत् दिनों अटल आवासीय विद्यालय के 38 बच्चों को इसरो लेकर गये थे। फाइव स्टार होटल में मजदुर के बच्चे रहे। स्कूल चलो अभियान प्रासंगिक तभी होगा, जब हरेक व्यक्ति इसकी चिंता करेगा और अपने क्षेत्र का भ्रमण करके स्कूल नहीं जा रहे बच्चों को चिह्नित कर उनका शत प्रतिशत दाखिला विद्यालयों में कराएं। तभी स्कूल चलो अभियान एवं कायाकल्प योजना सार्थक होगा।
स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान रही प्राथमिक विद्यालय में पठन पाठन की व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 से पूर्व विद्यालय चरागाह बने रहे। न दीवारें थी और न ही बुनियादी सुविधाएं। लेकिन आज प्रदेश में बेसिक शिक्षा की व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार हुआ है।
इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक कुमार तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक टी राम, विधायक सुशील सिंह, प्रमुख सचिव पार्थ सेन शर्मा, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं विद्यालय के बच्चे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां पुस्तिका का विमोचन किया तथा कक्षा 1 के छात्र विकास, आंशिक गुप्ता,
कक्षा 2 की श्रेया सोनकर, 3 की कजरी, 4 की दीपशिखा, 5 की रोली सोनकर, 6 की श्रेया यादव, कली केसरी, तथा कक्षा 7 की रुचि यादव व सांची गुप्ता की पाठ्य पुस्तक, निपुण बच्चों क्रमशः अभय पटेल, जान्हवी, श्रेयांश, नैन्सी, सरस्वती को प्रमाण पत्र दिये।
तत्पश्चात् मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मिल योजना के अंतर्गत बने भोजन को अपने हाथों परोस कर पवाया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल कालभैरव एवं देवाधिदेव महादेव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया।








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