केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर का आईसीएआर–आईआईवीआर, वाराणसी का दौरा
• वैज्ञानिकों से संवाद, किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर
• संस्थान की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जाहिर की
• साथ ही किसानों के लिए और अधिक लाभप्रद शोध करने के लिए दिया आदेश

वाराणसी, 05 अप्रैल 2026 : श्री रामनाथ ठाकुर, केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण राज्यमंत्री ने आज भा. कृ. अनु. प.- भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी का दौरा किया । इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों से विस्तृत संवाद किया और कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ाने एवं किसानों की आय दोगुनी करने का आह्वान किया । मंत्री महोदय ने संस्थान में चल रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों, उन्नत सब्जी किस्मों, बीज उत्पादन, संरक्षित खेती, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता विकास से जुड़ी पहलों की सराहना की । उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों का खेत स्तर पर प्रभावी प्रसार, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, लागत घटाने वाली तकनीकें तथा बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों की आय बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएं । मंत्री महोदय ने एफपीओ को सशक्त बनाकर सामूहिक विपणन, प्रसंस्करण एवं निर्यात के अवसर बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनुसंधान-विस्तार-उद्यमिता के समन्वित मॉडल को प्राथमिकता दे रही है । इसके तहत आईसीएआर-आईआईवीआर जैसे अग्रणी संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है । मंत्री महोदय ने संस्थान को किसानों तक तकनीकों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने, गुणवक्ता युक्त बीज एवं पौध उपलब्ध कराने, निर्यातोन्मुख सब्जी फसलों की प्रजातियों के विकास करने, स्टार्ट-अप्स व एफपीओ के साथ साझेदारी बढ़ाने तथा युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए । कार्यक्रम के अंत में मंत्री महोदय ने संस्थान के वैज्ञानिकों को उनके योगदान के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की कि संयुक्त प्रयासों से क्षेत्रीय कृषि विकास को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी । मंत्री ने कहा, “वैज्ञानिकों की सफलता इस बात में निहित है कि वे अपने शोध कार्य और प्रौद्योगिकियों को खेतों तक पहुँचाएँ और किसानों को सीधे लाभ प्रदान करें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सब्जियाँ देश में पोषण सुरक्षा की गारंटी हैं और किसानों को लाभ पहुंचाने में पूर्णतः सक्षम हैं । संस्थान के निदेशक डॉ राजेश कुमार ने संस्थान की समस्त गतिविधयों एवं उपलब्धियों पर प्रस्तुतिकरण किया और संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों की विस्तृत चर्चा की और 2047 तक विकसित भारत बनाने, पोषण सुरक्षा के साथ उत्पादकता बढाने में सब्जी फसलों एवं उनकी होने वाली भूमिका के बारे विस्तार से बताया और संस्थान किसानों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा इसके लिए संस्थान की कटीवाध्यता जाहिर की |






Users Today : 4
Users Yesterday : 133