April 8, 2026 5:55 am

Home » उत्तर प्रदेश » फेसबुक, इंस्टाग्राम या सोशल मिडिया की रील्स देखकर निवेश से बचे

फेसबुक, इंस्टाग्राम  या सोशल  मिडिया की रील्स देखकर निवेश से बचे

फेसबुक, इंस्टाग्राम  या सोशल  मिडिया की रील्स देखकर निवेश से बचे

फर्जी ट्रेडिंग एप्प से आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई लूट ले रहे है साइबर ठग

सेबी रजिस्टर्ड एप्प या वेबसाइट से ही करे ट्रेडिंग और निवेश

सोशल मीडिया की दुनिया में हर रोज करोड़ो रील्स स्क्रॉल हो रही हैं। एक क्लिक में अमीर बनने का सपना दिखाती ये छोटी-छोटी वीडियो अब निवेशकों की जेब पर डाका डाल रही हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम की रील्स पर चमचमाती लग्जरी कारें, विदेशी छुट्टियां और रातोंरात करोड़पति बनने की कहानियां सुनाकर साइबर ठग युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को ठग रहे हैं। सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की चेतावनी के बावजूद, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए मेहनत की कमाई लूटने का सिलसिला थम नहीं रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह डिजिटल युग का नया ‘पोंजी स्कीम’ है, जहां भरोसा तोड़कर ठगी की जाती है।ताजा आंकड़ों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में निवेश धोखाधड़ी के मामलों में 45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इनमें से 70 फीसदी शिकायतें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब रील्स से जुड़ी हैं। एक सर्वे में पाया गया कि 18-35 आयु वर्ग के 62 फीसदी युवा इन रील्स को देखकर निवेश करते हैं, बिना यह जांचे कि ऐप सेबी रजिस्टर्ड है या नहीं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी रील्स में सेलिब्रिटी लुकअलाइक या ‘सफल निवेशक’ दिखाए जाते हैं। वे ‘गारंटीड रिटर्न’ का लालच देते हैं – 30 दिन में 200 फीसदी मुनाफा! लिंक पर क्लिक करते ही अनजान ऐप डाउनलोड हो जाता है। शुरुआत में छोटे रिटर्न दिखाकर भरोसा जमाया जाता है, फिर बड़ी रकम मांगते हैं। जैसे ही पैसा ट्रांसफर होता है, अकाउंट ब्लॉक।

ये अधिकतर एप्प विदेशी सर्वर पर चलते हैं, भारतीय कानून से बाहर। Zerodha, Groww या Upstox जैसे रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर ही ट्रेडिंग सुरक्षित है।”मामला सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान तक नहीं। अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की रिपोर्ट कहती है कि 2023-24 में ऑनलाइन फ्रॉड से 1.2 लाख करोड़ रुपये की क्षति हुई, जिसमें निवेश स्कैम का हिस्सा 28 फीसदी है।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने हाल ही में एक गैंग का भंडाफोड़ किया, जो हैदराबाद से ऑपरेट कर रहा था। 15 लोग गिरफ्तार हुए, जिन्होंने 500 से ज्यादा लोगों को ठगा। ठगों के पास फर्जी KYC, स्टॉक टिप्स और AI जनरेटेड वीडियो तक थे।विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं: निवेश से पहले सेबी की वेबसाइट (sebi.gov.in) पर ब्रोकर या ऐप की रजिस्ट्रेशन चेक करें। ‘हाई रिटर्न, लो रिस्क’ जैसी बातें झूठी हैं।

 

“स्टॉक मार्केट में रिस्क है, लेकिन रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता होती है। फेसबुक, इंस्टाग्राम की रील्स को एंटरटेनमेंट समझें, निवेश गाइड नहीं।”सरकार भी सक्रिय है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फर्जी ऐड्स हटाने के निर्देश दिए। सेबी ने ‘Investor Awareness’ कैंपेन चलाया, जहां बताया जा रहा कि असली निवेश धैर्य मांगता है, न कि रील्स की चमक। फिर भी, जागरूकता की कमी बड़ी समस्या है।

अंत में, सवाल यह है कि क्या हम अपनी मेहनत की कमाई को रील्स की भेंट चढ़ने देंगे? साइबर ठगों से बचने का मंत्र सरल है:

सेबी रजिस्टर्ड ऐप्स या वेबसाइट्स – जैसे NSE, BSE अफीलिएटेड ब्रोकर्स – से ही ट्रेडिंग और निवेश करें। फेसबुक रील देखकर उतावले न हों। अगर शक हो, तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। याद रखें, असली अमीरी ज्ञान और धैर्य से आती है, न कि फर्जी वादों से।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *