फार्म रजिस्ट्री योजना अंतर्गत पात्र कृषकों को आच्छादित किए जाने हेतु शासन के निर्देश के क्रम में 6 से 15 अप्रैल तक सभी ग्राम पंचायतों में कैंप का हो रहा आयोजन
सीडीओ वि.खं.चिरईगांव के सहायक विकास अधिकारी, कृषि द्वारा फार्मर रजिस्ट्री कार्य में शिथिलता बरतने पर एक दिन का वेतन बाधित करने का दिया निर्देश
वाराणसी। फार्म रजिस्ट्री योजनांतर्गत सभी पात्र कृषकों को आच्छादित किए जाने हेतु शासन के निर्देश के क्रम में 6 से 15 अप्रैल तक जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में कैंप का आयोजन किया गया है, जहां पर पांच सदस्यीय टीम संबंधित लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, सजन जन सेवा केंद संचालक के साथ-साथ कोटेदार और ग्राम प्रधान भी उपस्थित होकर कृषकों के फार्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य करे रहे है।

तदक्रम में मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने विकास खंड चिरईगांव में फार्म रजिस्ट्री की समीक्षा किया। समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी कृषि चिरईगांव उपस्थिति रहे। सहायक विकास अधिकारी कृषि विनीत सिंह के द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के अद्यतन प्रगति की कार्मिकवार जानकारी न देने के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उनका आज की तिथि का वेतन बाधित कर दिया गया है। इसी क्रम में उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल एवं जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह के द्वारा बड़ागांव विकास खंड के ग्राम पंचायत बड़ागांव एवं चिलबिला तथा पिंडरा विकास खंड के ग्राम पंचायत धरनपुर में फार्मर रजिस्ट्री के लगाये गये कैम्प का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय संबंधित टीम के सदस्य उपस्थित मिले इस अवसर पर उप कृषि निदेशक के द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा जनपद के समस्त कृषको से आह्ववाहन किया गया कि अविलम्ब फार्मर अपना फॉर्म रजिस्ट्री करा ले। उन्होंने इस योजना के लाभ बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, बीज सब्सिडी, खाद/उर्वरक सब्सिडी, बीमा योजनाएं आदि सीधे किसानों के खाते में जाती हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), सरकारी सहायता सीधे बैंक खाते में जाती है, बिचौलियों से बचाव होता है। फसल बीमा का लाभ अगर फसल खराब होती है तो बीमा का पैसा जल्दी और सही तरीके से मिलता है। कृषि ऋण में प्राथमिकता, रजिस्टर्ड किसान को आसान ब्याज दर पर ऋण मिल सकता है। आपदा राहत में प्राथमिकता में सूखा, बाढ़ आदि के समय सरकार की ओर से राहत पाने में सहूलियत होती है। डिजिटल पहचान और रिकॉर्ड के रूप में किसान की एक आधिकारिक पहचान बनती है जिससे पारदर्शिता और ट्रैकिंग आसान होती हैं
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह द्वारा कृषकों को यूरिया ,डीएपी एवं अन्य अनुदानित उर्वरकों पर सरकार के द्वारा दिए जाने वाले अनुदान के बारे में जानकारी देते हुए संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की अपील की गई साथ ही सभी किसानों का आह्वान किया गया कि किसान भाई अविलंब अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा ले अन्यथा आने वाले दिनों में उर्वरकों पर सरकार के द्वारा जो भारी मात्रा सब्सिडी दिया जा रहा है। उस लाभ से आप वंचित हो सकते हैं क्योंकि आगे उर्वरक का वितरण फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किया जाएगा।








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