Home » liveup » पंचकोशी यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि जी महाराज पहुंचे दूसरे पड़ाव भीमचंडी

पंचकोशी यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि जी महाराज पहुंचे दूसरे पड़ाव भीमचंडी

पंचकोशी यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि जी महाराज पहुंचे दूसरे पड़ाव भीमचंडी

भीमचंडी धर्मशाला में पंचकोशी यात्रियों के सुविधा हेतु बिजली पानी शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त

 

राजातालाब।पुरुषोत्तम मास काशी पंचकोशी पदयात्रा पर निकले कैलाश मठ चैरिटेबल ट्रस्ट काशी के महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी जी महाराज अपने श्रद्धालु भक्तगणों के साथ पंचकोशी यात्रा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी धर्मशाला नंबर 4 में ठहर कर विश्राम किया तथा साथ में चलने वाले सैकड़ो की संख्या में भक्तगणों को भोजन भी कराया। जिसके दौरान ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने स्वामी आशुतोष आनंद गिरि जी महाराज का पांव भी दबाकर आशीर्वाद लिया। इसके साथ-साथ पंचकोशी यात्रा पर आए हुए यात्रियों ने धर्मशाला तथा आसपास उचित स्थान देखकर विश्राम एवं भोजन किया। विश्राम के दौरान क्षेत्रीय यात्रियों के घर से आए परिवार जनों ने पुण्य फल पाने के उद्देश्य से यात्रियों के थकान दूर करने के लिए  सर तथा पांव दबाते नजर आए। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस पड़ाव के साफ सफाई के लिए नगर निगम की तरफ से 10 सफाई कर्मी व पानी के लिए तीन टैंकर तथा आराजी लाइन ब्लॉक की तरफ से 20 सफाई कर्मी लगाया गया है तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्यूटी पर लगे राजातालाब पुलिस एवं पीएसी के जवान पैदल भ्रमण करते रहे।पंचकोशी यात्रियों के सुविधा हेतु खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव के निर्देशानुसार सेक्रेटरी ललित कुमार के साथ ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने यात्रा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी के सभी धर्मशालाओं तथा शौचालय की साफ सफाई तथा बिजली पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ-साथ इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए यात्रियों हेतु  पंखा का भी व्यवस्था कराया। ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने धर्मशालाओं में यात्रियों के भोजन के पश्चात जूठे पत्तल को अपने हाथों द्वारा फेंककर सराहनीय कार्य किया और शौचालय के दुर्व्यवस्था को ठीक कराया। विश्राम करने के उपरांत यात्रियों ने अलग-अलग समूह के साथ तीसरे पड़ाव रामेश्वर के लिए रवाना हुए।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *