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बारिश कम, मुसीबत ज़्यादा , भारत पर सूखे का साया

भारत मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को सामान्य से कमजोर (Below Normal) रहने का अनुमान दिया है। पूरे देश में बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90% रह सकती है, जो पिछले 11 वर्षों में सबसे कमजोर मानसूनों में से एक हो सकता है।

🌦️ मानसून कमजोर क्यों पड़ सकता है?

मुख्य वजह है El Niño का विकसित होना। El Niño प्रशांत महासागर में होने वाली एक जलवायु घटना है, जो भारत में बारिश को कम कर सकती है। IMD के अनुसार मानसून सीजन के दौरान El Niño बनने की संभावना है।

🌾 किसानों के लिए क्यों है चिंता?

भारत की लगभग आधी खेती अभी भी बारिश पर निर्भर है। अगर जुलाई-अगस्त में बारिश कम हुई तो:

  • ✅ धान, दाल, तिलहन जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है
  • ✅ बुवाई कम हो सकती है
  • ✅ उत्पादन घट सकता है
  • ✅ ग्रामीण आय प्रभावित हो सकती है

💰 आम आदमी पर क्या असर होगा?

अगर फसल उत्पादन कम हुआ तो:

  • 🥬 सब्जियां महंगी हो सकती हैं
  • 🌾 चावल और दाल के दाम बढ़ सकते हैं
  • 🥛 दूध और पशु चारे की लागत बढ़ सकती है
  • 📈 महंगाई फिर से बढ़ने का खतरा है

🇮🇳 क्या पूरे देश में सूखा पड़ेगा ?

नहीं। IMD के अनुसार कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से बेहतर बारिश भी हो सकती है। लेकिन देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है।

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Author: Liveupweb

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