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सरकार के पास इतना अनाज आखिर क्यों?

India Rice Stock: भारत के गोदामों में चावल का रिकॉर्ड भंडार, गेहूं का स्टॉक भी 5 साल के उच्च स्तर पर

नई दिल्ली। भारत के सरकारी गोदामों में चावल का भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 जून 2026 तक देश के पास 6.84 करोड़ टन (68.43 मिलियन टन) चावल का भंडार मौजूद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15% अधिक है। वहीं गेहूं का स्टॉक 5.34 करोड़ टन (53.41 मिलियन टन) तक पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड उत्पादन और किसानों से बड़े पैमाने पर खरीद (Procurement) के कारण सरकारी भंडार तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2025-26 में भारत ने चावल और गेहूं दोनों का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया, जिससे खाद्यान्न भंडारण क्षमता पर भी दबाव बढ़ा है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है और वैश्विक चावल निर्यात में उसकी हिस्सेदारी लगभग 40% मानी जाती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्टॉक सरकार को निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर दे सकता है।

सरकार के लिए एक बड़ा फायदा यह भी है कि पर्याप्त गेहूं और चावल भंडार होने से भविष्य में कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर खुले बाजार में अनाज जारी कर महंगाई को नियंत्रित किया जा सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एल नीनो (El Niño) के कारण मानसून पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश सामान्य से कम होती है तो आने वाले कृषि सीजन पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसके बावजूद वर्तमान भंडार देश की खाद्य सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा कवच माना जा रहा है।

कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि रिकॉर्ड खाद्यान्न भंडार भारत की खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और निर्यात क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा। आने वाले महीनों में सरकार इन अतिरिक्त भंडारों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।

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Author: Liveupweb

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