हर घर तिरंगा यात्रा” में गूंजा देशभक्ति का संदेश, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संस्कृत विश्वविद्यालय तक निकली भव्य यात्रा
प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव जी मुख्य अतिथि के रूप में “हर घर तिरंगा यात्रा” का किया नेतृत्व
तिरंगा यात्रा में जनप्रतिनिधियों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र- छात्राओं के साथ ही भारी संख्या में जनपदवासी रहे मौजूद
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा केवल कपड़े के तीन रंग नहीं है, यह भारत की पहचान है, भारत का स्वाभिमान है, भारत की शक्ति है और भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक है-स्वतंत्र देव सिंह
आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं है, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की क्षमता रखता है- कैबिनेट मंत्री
आज का युवा केवल भारत का भविष्य नहीं, भारत का वर्तमान है-मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को जनपद में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर से शुरू हुई यह यात्रा मलदहिया और लहुराबीर चौराहा होते हुए डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई।
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, युवा, स्थानीय नागरिक और विभिन्न वर्गों के लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का उत्साह और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण देखने को मिला। यात्रा के आगे पीएसी एवं पुलिस बैंड चल रहा था। बैंड की देशभक्ति धुनों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़ रहे विद्यार्थियों और नागरिकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे देशभक्ति के नारों के साथ वातावरण को गुंजायमान करते हुए आगे बढ़ रहे थे।
इस अवसर पर भारी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम तिरंगे को अपने सीने से लगाकर चल रहे हैं। यह केवल भूमि के प्रति प्रेम नहीं, बल्कि उस राष्ट्र के प्रति श्रद्धा है जिसके लिए लाखों वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह तिरंगा केवल कपड़े के तीन रंग नहीं है; यह भारत की पहचान है, भारत का स्वाभिमान है, भारत की शक्ति है और भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक है। जब तिरंगा हमारे हाथों में हो तो हमें उन वीर जवानों को याद करना चाहिए जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मनों के ठिकानों पर ऐसा प्रहार किया कि पाकिस्तान को दुनिया के सामने झुकना पड़ा। यही वह तिरंगा है जिसके नीचे खड़े होकर हमारे सैनिक सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान की तपती सीमाओं तक दिन-रात देश की रक्षा करते हैं।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यही वह तिरंगा है जिसकी पहचान लेकर भारत का चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप उतरा और पूरी दुनिया ने भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा का लोहा माना। यही तिरंगा मंगलयान के माध्यम से अंतरिक्ष में भारत की क्षमता का डंका बजाता है। जब हमारे प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं पर जाते हैं तो विदेशी धरती पर यही तिरंगा भारत के सम्मान, सामर्थ्य और बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक बनकर शान से लहराता है। इसे देखकर हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो जाता है और विश्वास मजबूत होता है कि भारत किसी से कम नहीं है और भारत किसी के सामने झुकने वाला नहीं है। यही तिरंगा कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों की विजय के साथ विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाता है। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भी यही तिरंगा विश्व के सामने भारत के नेतृत्व और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बनकर उभरा। आज देश का युवा अपनी मेहनत, अपने सपनों और अपने करियर को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संकल्प ले रहा है। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि स्वाभिमान की यात्रा है, संकल्प की यात्रा है और विकसित भारत के निर्माण की यात्रा है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विशेष रूप से मौजूद युवा शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां उपस्थित युवा शक्ति से एक प्रश्न पूछना चाहता हूं। जब हमारे सैनिक सीमा पर देश के लिए खड़े रह सकते हैं, जब हमारे वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत करके भारत को चंद्रमा तक पहुंचा सकते हैं, जब हमारे खिलाड़ी पूरी दुनिया में भारत का तिरंगा फहरा सकते हैं, तो क्या हम अपने भारत को विकसित, स्वावलंबी और विश्वगुरु बनाने का संकल्प नहीं ले सकते? उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं है, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की क्षमता रखता है। आज का युवा केवल भारत का भविष्य नहीं, भारत का वर्तमान है। उन्होंने लोगों को संकल्प दिलाया कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना पूरा योगदान देंगे।
तत्पश्चात् महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से यात्रा के प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते गए। विद्यार्थियों के हाथों में लहराते तिरंगे और उनके चेहरों पर नजर आ रहा उत्साह राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को और बढ़ा रहा था। यात्रा के दौरान लोगों में देश की आन, बान और शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
तिरंगा यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए मलदहिया पहुंची। इसके बाद यात्रा लहुराबीर चौराहा होते हुए आगे बढ़ी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही यात्रा को देखने के लिए स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कई स्थानों पर लोगों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया और देशभक्ति के इस आयोजन के प्रति अपना उत्साह व्यक्त किया। यात्रा का समापन डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। यहां भी प्रतिभागियों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का संदेश दिया गया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज को प्रत्येक नागरिक के गौरव और राष्ट्रीय भावना से जोड़ना है। वाराणसी में निकली यह तिरंगा यात्रा भी इसी भावना को मजबूत करने वाली रही। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।
काशी की सड़कों पर एक साथ लहराते तिरंगे और गूंजते देशभक्ति के नारों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर के माहौल को पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ हाथों में थामकर देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी भावना प्रकट की। इस दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं संबंधित विभागों की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। पीएसी और पुलिस बैंड की मौजूदगी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों की भागीदारी के कारण तिरंगा यात्रा शहर में आकर्षण का केंद्र बनी रही। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तक निकली ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ ने वाराणसी में स्वतंत्रता दिवस के उत्सव की शुरुआत को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों ने राष्ट्रप्रेम, एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।
इस तिरंगा यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक कुमार तिवारी, एलएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील कुमार पटेल, विधायक टी राम, क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष रामसकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के अलावा मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार, एडिशनल पुलिस आयुक्त शिव हरी मीणा, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहें।








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