नकली ओइंटमेंट मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज
सत्र न्यायालय का फैसला, डीजेसी क्रिमिनल राकेश पांडे की प्रभावी पैरवी के बाद कोर्ट ने माना, आरोप गंभीर
लखनऊ, 21 अगस्त। नकली दवा के कारोबार से जुड़े मामले में लखनऊ सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों सनी कश्यप और ऋषभ कश्यप की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई के बाद दर्ज मामले में दोनों पर नकली थ्रोम्बोफोब ओइंटमेंट की खरीद-फरोख्त और भंडारण में संलिप्तता के आरोप हैं। यह फैसला सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, जाइडस हेल्थकेयर लिमिटेड की शिकायत पर 16 मई 2025 को शिव शक्ति फार्मा में संयुक्त निरीक्षण किया गया था। जांच में थ्रोम्बोफोब ओइंटमेंट के बैच नंबर 1403999 और 1404222 संदिग्ध पाय गए। विभागीय जांच और निर्माता कंपनी की पुष्टि में संबंधित बैच की दवा को नकली बताया गया। मामले में करीब 24 हजार पीस दवा की खरीद और वापसी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर नकली दवाओं की खरीद-बिक्री और फर्जी बिल के जरिए लेनदेन को छिपाने का प्रयास किया। अदालत ने मामले की गंभीरता, आरोपों की प्रकृति और जांच के प्रारंभिक चरण को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का आधार पर्याप्त नहीं माना।
डीजीसी क्रिमिनल राकेश पांडे ने प्रभावी पैरवी करते हुए नकली दवाओं के खिलाफ प्रदेश की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आरोपों की गंभीरता को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा। दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज होना नकली एवं काउंटरफीट दवाओं के कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








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