-कोनिया वार्ड के बैतरणी कुंड का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, सुंदरीकरण और सफाई के सख्त निर्देश
-बाढ़ के बाद बीमारियों को रोकने के लिए जल निकासी, ब्लीचिंग छिड़काव और फागिंग पर निगम का विशेष फोकस
वाराणसी : गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद अब तटीय और बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। महामारी और बीमारियों को पांव पसारने से रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई व जल निकासी का विशेष अभियान चलाकर नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने का स्पष्ट संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त कोनिया वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कुंड के त्वरित सुंदरीकरण और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई कराने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर वहां जलभराव खत्म करने के लिए पंप लगाए जाएं, सीवर लाइनों की तत्काल सफाई हो और मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्र में उचित प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी आदेश दिए गए हैं ताकि रात के समय स्थानीय लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। निरीक्षण के समय क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत निगम के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।







Users Today : 24
Users Yesterday : 113