बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर एवं निकटता से निगरानी रखी जा रही
वाराणसी। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) ने बताया कि केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त अद्यतन जलस्तर सम्बन्धी अधिकृत आंकड़ों के अनुसार सायं 04 बजे गंगा नदी का जलस्तर 70.12 मीटर दर्ज किया गया है।जबकि चेतावनी जलस्तर 70.26 मीटर, खतरे का जलस्तर 71.26 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर 73.90 मीटर निर्धारित है। गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर में वृद्धि तथा वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव/बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर एवं निकटता से निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जनपद के लगभग 11 मोहल्ले/वार्ड आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वरुणा नदी के बाढ़ से जनपद में कुल 328 परिवारों के 1388 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा उनके लिए राहत एवं बचाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में जनपद में कुल 13 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील किया गया है, जिनमें 219 प्रभावित परिवारों के 935 व्यक्ति निवास कर रहे हैं। राहत शिविरों में निवासरत प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराते हुए दिन में तीन समय पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ एवं पर्याप्त बिस्तर, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता तथा आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों, महिलाओं, वृद्धजनों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं यथा दूध, फल आदि उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बाढ़ प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा राशन किट की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को राशन किट एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत बचाव कार्यों को सुचारु बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन द्वारा कुल 32 नावों की व्यवस्था की गई है, जिनके माध्यम से बाढ़ प्रभावित एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे/प्रभावित लोगों को आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नावों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
जिला प्रशासन द्वारा गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों द्वारा तटवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण एवं भ्रमण किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार नदी मार्ग से भी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। केन्द्रीय जल आयोग एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जलस्तर, वर्षा एवं मौसम संबंधी सूचनाओं का निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल पुलिस, एन०डी०आर०एफ० व अन्य सम्बन्धित विभागों के मध्य आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया है। राहत एवं बचाव कार्य हेतु आवश्यक नाव, बचाव उपकरण, मानव संसाधन एवं अन्य आवश्यक संसाधन तैयार अवस्था में रखे गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया की नीति के तहत परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जलस्तर में और ज्यादर वृद्धि होने की दशा में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करने हेतु संबंधित अधिकारियों/विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति के प्रति पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है तथा परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में यदि गंगा व वरूणा नदी के जलस्तर में असामान्य वृद्धि होती है तो शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप तत्काल प्रभावी एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।








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