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कैंट थाने के निरीक्षण में पुलिस आयुक्त ने कसी व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के निर्देश थाना गोद लेने की पहल से होगी पुलिसिंग की नियमित निगरानी, महिला सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर दिए निर्देश वाराणसी ।

कैंट थाने के निरीक्षण में पुलिस आयुक्त ने कसी व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के निर्देश

थाना गोद लेने की पहल से होगी पुलिसिंग की नियमित निगरानी, महिला सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर दिए निर्देश

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को थाना कैंट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वरुणा जोन के कैंट और रोहनिया सर्किल के थानों में लंबित कालबाधित विवेचनाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक लंबित प्रकरण की जानकारी लेते हुए विवेचनाओं में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी न हो और पर्यवेक्षण अधिकारी प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करें।

पुलिस आयुक्त ने थाना गोद लेने की पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने गोद लिए गए थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों की समस्याओं की नियमित समीक्षा करें। थाना स्तर पर मिलने वाली कमियों को चिह्नित कर उनका समयबद्ध समाधान कराया जाए, जिससे आमजन को बेहतर पुलिसिंग का लाभ मिल सके।

अपराध नियंत्रण के साथ तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों से आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी संसाधनों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने साइबर सुरक्षा, प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईपीडीआर से संबंधित जानकारी पुलिसकर्मियों से पूछी। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिसकर्मी तकनीकी रूप से दक्ष बनें और अपराध की जांच में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अपराध की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, चेकिंग और बीट पुलिसिंग को मजबूत किया जाए। क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी बीट स्तर पर जुटाई जाए, ताकि किसी घटना से पहले ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।

मिशन शक्ति केंद्र को और प्रभावी बनाने के निर्देश

महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ने मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को केवल कार्यालय तक सीमित न रहने बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाकर काम करने के निर्देश दिए। विद्यालयों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।

महिला पुलिसकर्मियों को छात्राओं और महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें 1090, 112 और 1930 जैसी हेल्पलाइन के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी की होगी जांच

पुलिस आयुक्त ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी व्यवस्था की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल, कालेज, छात्रावास और कोचिंग संस्थानों में लगे कैमरे चालू हालत में हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए। जहां सीसीटीवी व्यवस्था में कमी मिले, वहां संबंधित संस्थान को आवश्यक नोटिस देकर सुधार कराया जाए।

साथ ही स्कूल-कालेज के आसपास शोहदों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। महिला पुलिसकर्मियों को नियमित गश्त और चेकिंग के साथ छात्राओं से संवाद बढ़ाने को कहा गया।

नए रिक्रूट आरक्षियों की होगी साप्ताहिक समीक्षा

पुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से भी बातचीत कर उनकी पुलिसिंग संबंधी जानकारी परखी। उन्होंने तकनीकी विषयों और पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित सवाल पूछे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नए आरक्षियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उनका नियमित और साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाए।

सभी आरक्षियों को बीट आवंटित करने तथा उन्हें अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, अपराध की प्रवृत्ति और स्थानीय समस्याओं की जानकारी रखने के निर्देश दिए गए। बीट पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए क्षेत्र में नियमित भ्रमण और लोगों से संवाद पर भी जोर दिया गया।

जनसुनवाई में शिकायतकर्ता से सम्मानजनक व्यवहार

थानों में जनसुनवाई की व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। पुलिसकर्मी आगंतुकों के साथ सौम्य और सम्मानजनक व्यवहार करें। शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रभावी समाधान की भी निगरानी की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेकर यह भी देखा जाए कि समस्या का समाधान संतोषजनक ढंग से हुआ है या नहीं। पीड़ितों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया गया।

अतिक्रमण और जाम पर कार्रवाई के निर्देश

यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थानाध्यक्षों और हल्का प्रभारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। अतिक्रमण वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई करने और जाम की समस्या वाले क्षेत्रों में प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी रखने को कहा।

पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर भी रहेगा ध्यान

निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों के कल्याण और मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने सभी थानों में मेस की व्यवस्था बेहतर रखने तथा पुलिसकर्मियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। थाना परिसर में साफ-सफाई नियमित रूप से कराने और कर्मचारियों की मूलभूत आवश्यकताओं का ध्यान रखने को कहा गया।

उन्होंने आगंतुकों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा महिला आगंतुकों के लिए अलग से दो शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। थाना परिसर को साफ, व्यवस्थित और आमजन के लिए सुविधाजनक बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बेहतर पुलिसिंग केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान, महिला एवं छात्राओं की सुरक्षा, तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसिंग और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन लिपि नागयाच सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Varsha Kesari
Author: Varsha Kesari

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