झाड़ू थाम मैदान में उतरे आयुष मंत्री, खुद उठाया कूड़ा
● जनसुनवाई से पहले कैंप कार्यालय में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने चलाया स्वच्छता अभियान
● खरपतवार व कचरा उठाकर कूड़ा गाड़ी में डाला, लोगों को दिया स्वच्छता अपनाने का संदेश
● बोले—स्वच्छता सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनआंदोलन; जनप्रतिनिधियों को खुद पेश करनी होगी मिसाल
वाराणसी। स्वच्छता का संदेश देने के लिए प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ रविवार को खुद मैदान में उतर पड़े। जनसुनवाई शुरू होने से पहले उन्होंने अपने कैंप कार्यालय और आसपास के परिसर में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान मंत्री ने स्वयं खरपतवार और कचरा उठाकर कूड़ा गाड़ी में डाला। उनके इस प्रयास के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में डॉ. दयालु ने कार्यालय परिसर और आसपास की सफाई की। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को किसी विशेष अभियान तक सीमित न रखकर रोजमर्रा की आदत बनाने का आह्वान किया।
आयुष मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को सेवा से जोड़कर देश में व्यापक जनचेतना पैदा की है। स्वच्छता केवल सरकार की योजना या कार्यक्रम नहीं है। इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। घर के साथ गली, मोहल्ले, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को केवल लोगों से स्वच्छता की अपील करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग खुद सफाई में हाथ बंटाएंगे तो समाज के अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
जनसुनवाई से पहले सफाई की शुरुआत
मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ कैंप कार्यालय में जनसुनवाई शुरू होने से पहले परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं। वह नियमित रूप से स्वयं स्वच्छता अभियान में भाग लेकर कार्यालय आने वाले लोगों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत वाराणसी में स्वच्छता के साथ पौधरोपण और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘सफाईकर्मी ही नहीं, हम सभी की जिम्मेदारी’
डॉ. दयालु ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता केवल सफाईकर्मियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर डालने और उसके उचित निस्तारण में सहयोग करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास की सफाई को अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी स्वच्छ भारत का संकल्प धरातल पर पूरी तरह साकार हो सकेगा। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।







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