*शारदीय नवरात्र में आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम; काल भैरव, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दरबार में भी टेका मत्था**काशी की सनातन परंपरा के साथ आधुनिकता का संगम, हर धाम पर सेल्फी लेकर सखियों ने साझा किए यादगार पल* सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर सक्रिय माहेश्वरी समाज -गौरव राठी

********वाराणसी, 17 अक्टूबर।* धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर माहेश्वरी कला संस्कृति, वाराणसी की युवा महिला शाखा द्वारा नौ गौरी एवं बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन का धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर 51 माहेश्वरी सखियों ने काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा के अनुरूप नौ गौरी के दर्शन किए। साथ ही बाबा श्री काशी विश्वनाथ, बाबा काल भैरव, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के चरणों में शीश नवाकर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मंदिरों में दर्शन-पूजन के दौरान सखियां भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर नजर आईं।
संस्था की अध्यक्षा पूजा चांडक, मंत्री राधिका डागा एवं कोषाध्यक्ष पूजा पटवारी के मार्गदर्शन तथा संयोजिका श्रुति जाजू के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में महिला सहभागिता, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शन यात्रा से पूर्व होटल त्रिदेव में तनुश्री मुंदड़ा द्वारा चाय-कॉफी की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात 51 सखियों ने स्कूटी से काशी के विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों तक पहुंचकर श्रद्धाभाव से दर्शन किए।
*धर्म और संस्कृति के साथ आधुनिकता का भी संगम*
इस आयोजन की विशेषता रही कि सखियों ने सनातन परंपराओं के निर्वहन के साथ आधुनिकता को भी खूबसूरती से जोड़ा। प्रत्येक धाम पर दर्शन के बाद उन्होंने सेल्फी लेकर इन पावन पलों को यादगार बनाया और एक-दूसरे के साथ साझा किया। इस पहल ने धार्मिक यात्रा को आपसी आत्मीयता, मित्रता और सामूहिक स्मृतियों से जोड़ दिया। आस्था के साथ उत्साह और अपनत्व से भरी इस यात्रा ने काशी की आध्यात्मिक विरासत को नए अंदाज में अनुभव करने का अवसर प्रदान किया।
रितु धूत के कुशल दिशा-निर्देशन में प्रचारमंत्री जया राठी, चंचल सारडा, निधि मुंदड़ा, सविता राठी, स्वाति बाहेती, खुशबू मारू, अमृता मुंद्रडा, श्रेया सोमानी, ज्योति झंवर, सलोनी लाखोटिया, खुशबू सहित अनेक सखियों ने आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर सक्रिय माहेश्वरी समाज*
समाज के प्रचार मंत्री गौरव राठी ने बताया कि माहेश्वरी समाज धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में कुछ दिन पूर्व संगठन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा वाराणसी में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के सामूहिक दर्शन का आयोजन भी किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज में एकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।
काशी की पावन धरती पर नौ गौरी और बाबा विश्वनाथ सहित प्रमुख देवस्थलों के दर्शन से सखियों के लिए यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कार और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ने का अविस्मरणीय अनुभव बना। मां भगवती की आराधना, बाबा विश्वनाथ के प्रति अटूट आस्था और काशी की दिव्य परंपरा के बीच संपन्न इस आयोजन ने शारदीय नवरात्र के भक्तिमय वातावरण को और भी विशेष बना दिया। हर-हर महादेव और जय माता दी के जयघोष के साथ सखियों ने भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।








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