भारतीय डाक की कमाई ने पकड़ी रफ्तार, छह माह में 8212 करोड़ का राजस्व
लगातार दो तिमाहियों में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमाई, पिछले वर्ष के मुकाबले राजस्व में 24 प्रतिशत का उछाल
पार्सल कारोबार ने भरी उड़ान, 71 प्रतिशत की वृद्धि; यूपी समेत कई राज्यों का शानदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। बदलते दौर में परंपरागत चिट्ठी-पत्री की पहचान से आगे बढ़कर भारतीय डाक अब कारोबार और आधुनिक सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार, पार्सल कारोबार में तेजी और ग्राहकों तक बढ़ती पहुंच का असर विभाग की कमाई पर साफ दिखाई देने लगा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारतीय डाक ने 8,212.7 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर शानदार प्रदर्शन किया है।
पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में विभाग का राजस्व 6,636 करोड़ रुपये रहा था। इस लिहाज से इस बार करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि भारतीय डाक ने लगातार दो तिमाहियों में चार-चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
दूसरी तिमाही में 4,201 करोड़ से अधिक का राजस्व
जुलाई से सितंबर 2026 की दूसरी तिमाही में भारतीय डाक ने 4,201.5 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में यह करीब 25 प्रतिशत अधिक है। पहली तिमाही के मुकाबले भी राजस्व में लगभग पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विभाग के लगातार बेहतर होते आंकड़ों को बदलती कार्यप्रणाली और व्यावसायिक सेवाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्सल कारोबार में 71 प्रतिशत की छलांग
भारतीय डाक के लिए पार्सल कारोबार तेजी से कमाई का महत्वपूर्ण जरिया बनकर उभरा है। दूसरी तिमाही में पार्सल क्षेत्र से 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस क्षेत्र में 71 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र ने पार्सल कारोबार के लिए निर्धारित अपने तिमाही लक्ष्यों को भी पीछे छोड़ दिया। ई-कॉमर्स और घर तक सामान पहुंचाने वाली सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच भारतीय डाक अपने विशाल नेटवर्क का लाभ उठाने पर जोर दे रहा है।
बचत बैंक ने जोड़े 1,987 करोड़ रुपये
डाक विभाग के दूसरे क्षेत्रों ने भी राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएलआई और आरपीएलआई कारोबार में 44 प्रतिशत तथा डाक सामग्री से होने वाली आय में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, डाकघर बचत बैंक से जुड़े कारोबार में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी तिमाही में डाकघर बचत बैंक ने अकेले 1,987 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
लक्ष्य हासिल करने में बिहार आगे
तिमाही व्यावसायिक लक्ष्य हासिल करने में बिहार डाक परिमंडल ने 97.15 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल 97.07 प्रतिशत और पूर्वोत्तर परिमंडल 94.79 प्रतिशत उपलब्धि के साथ आगे रहे। वहीं, वित्त वर्ष की पहली छमाही के प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल 95.72 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष पर रहा।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर रहेगा जोर
नई दिल्ली में दूसरी तिमाही के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने विभाग के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को नए ग्राहकों को जोड़ने के साथ मौजूदा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और कारोबार के नए क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने पर जोर देने को कहा।
विभाग अब पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ पार्सल, कृषि-लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई, ओडीओपी, बीमा, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गांव से लेकर शहर तक फैला भारतीय डाक का नेटवर्क इस विस्तार में उसकी बड़ी ताकत बन सकता है।
चिट्ठी से डिजिटल दौर तक बदल रही डाक की तस्वीर
एक समय मुख्य रूप से चिट्ठी, मनीऑर्डर और बचत योजनाओं के लिए पहचाना जाने वाला डाक विभाग अब आधुनिक कारोबारी जरूरतों के अनुरूप खुद को तेजी से बदल रहा है। पार्सल और डिजिटल सेवाओं में हो रही वृद्धि से साफ है कि भारतीय डाक अपने व्यापक नेटवर्क को आधुनिक सेवाओं से जोड़कर राजस्व के नए रास्ते तैयार कर रहा है।








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