Home » उत्तर प्रदेश » काशी से दिल्ली का सफर होगा और आरामदायक, स्लीपर वंदे भारत की मिल सकती है सौगात 31 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना, बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना कर सकते हैं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वाराणसी से रात 8:50 बजे चलकर सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव, 16 कोच की ट्रेन में 800 से अधिक यात्रियों के सफर की व्यवस्था संभावित वाराणसी।

काशी से दिल्ली का सफर होगा और आरामदायक, स्लीपर वंदे भारत की मिल सकती है सौगात 31 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना, बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना कर सकते हैं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वाराणसी से रात 8:50 बजे चलकर सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव, 16 कोच की ट्रेन में 800 से अधिक यात्रियों के सफर की व्यवस्था संभावित वाराणसी।

काशी से दिल्ली का सफर होगा और आरामदायक, स्लीपर वंदे भारत की मिल सकती है सौगात

31 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना, बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना कर सकते हैं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

वाराणसी से रात 8:50 बजे चलकर सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव, 16 कोच की ट्रेन में 800 से अधिक यात्रियों के सफर की व्यवस्था संभावित

वाराणसी। काशी से नई दिल्ली के बीच रेल सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिल सकती है। वाराणसी-नई दिल्ली रेलमार्ग पर नई स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की तैयारी की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि दीपावली और छठ से पहले 31 अक्टूबर को ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। इसके शुरू होने से रात के समय वाराणसी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल सेवा का नया विकल्प मिलेगा।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेलवे स्टेशन से स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। हालांकि, ट्रेन के नियमित संचालन, किराये और टिकट बुकिंग को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है।

रात में काशी से चलकर सुबह पहुंचेगी दिल्ली

प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार स्लीपर वंदे भारत वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंच सकती है। वहीं, वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे प्रस्थान कर सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचने की संभावना है। इस समय-सारिणी से यात्रियों को रात में सफर पूरा कर सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

16 कोच में 800 से अधिक यात्रियों की क्षमता

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में 16 कोच होने की संभावना है। ट्रेन में 800 से अधिक यात्रियों के सफर की व्यवस्था हो सकती है। स्लीपर सुविधा होने के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

लोहता के पास वाशिंग पिट में खड़ी है ट्रेन

ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे स्तर पर तैयारियां भी शुरू होने की बात कही जा रही है। स्लीपर वंदे भारत को लोहता स्टेशन के पास स्थित वाशिंग पिट में खड़ा किए जाने की जानकारी है। अब यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से नियमित संचालन, ठहराव, किराया और टिकट बुकिंग से संबंधित आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

ट्रेन का संचालन शुरू होने पर काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क को एक और आधुनिक विकल्प मिल जाएगा। खासकर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्लीपर वंदे भारत सुविधाजनक सेवा साबित हो सकती है।

Varsha Kesari
Author: Varsha Kesari

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