नामकरण की सियासत छोड़ जनता के मुद्दों पर ध्यान दे सरकार : अजय राय
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर उठाए सवाल, बेरोजगारी-महंगाई और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर भी जताई चिंता
वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को सार्वजनिक संस्थानों के नामकरण की राजनीति से अधिक जनता की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। देश का युवा रोजगार चाहता है, आम परिवार महंगाई से राहत चाहता है और किसान अपनी उपज का उचित मूल्य चाहता है। सरकार की प्राथमिकता इन्हीं मुद्दों का समाधान होनी चाहिए।
अजय राय ने कहा कि अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम का नाम पहले ही नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखा जा चुका है और अब जेवर एयरपोर्ट का नाम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी सार्वजनिक संस्थान के नामकरण से आम आदमी के जीवन में क्या बदलाव आएगा। क्या इससे बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, महंगाई कम होगी या किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी?
उन्होंने कहा, “देश की जनता को नाम नहीं, काम चाहिए। सरकार की सफलता का पैमाना नामकरण और प्रचार नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव होना चाहिए।”
युवाओं को चाहिए समयबद्ध रोजगार
अजय राय ने बेरोजगारी को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और समयबद्ध अवसर मिलने चाहिए। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती हो और परीक्षाओं से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पारदर्शी एवं तय समय में पूरी की जाए। शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
महंगाई ने बिगाड़ा आम परिवार का बजट
उन्होंने कहा कि महंगाई का सीधा असर आम परिवारों की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ता खर्च लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। छोटे दुकानदारों, कारोबारियों और मध्यम वर्ग पर भी आर्थिक दबाव बढ़ा है। सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
किसानों की समस्याओं को मिले प्राथमिकता
किसानों का मुद्दा उठाते हुए अजय राय ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में किसानों की अहम भूमिका है। उन्हें फसल का उचित मूल्य, खेती की बढ़ती लागत से राहत, पर्याप्त सिंचाई सुविधा और समय पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। किसान और नौजवान मजबूत होंगे तभी देश की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत होगी।
सार्वजनिक संस्थानों की पहचान उनके काम से हो
अजय राय ने कहा कि एयरपोर्ट, स्टेडियम और अन्य सार्वजनिक संस्थान देश की संपत्ति हैं। इनकी पहचान केवल नाम से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाली सुविधाओं, बेहतर प्रबंधन, आम लोगों की पहुंच और रोजगार सृजन से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास की बड़ी परियोजनाओं का लाभ स्थानीय युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों तक पहुंचना जरूरी है। केवल विशाल बुनियादी ढांचा तैयार कर देना पर्याप्त नहीं है। उसके साथ स्थानीय रोजगार, परिवहन, व्यापार और जनसुविधाओं का विस्तार भी होना चाहिए।
चुनावी पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल
अजय राय ने चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और संदेह से परे रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब तथ्यों और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सामने आना चाहिए। जहां अनियमितता के ठोस प्रमाण मिलें, वहां निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
अजय राय ने कहा कि मतदाताओं का यह विश्वास कायम रहना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है और जनादेश का सम्मान किया जा रहा है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा मजबूत लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाती रहेगी। लोकतंत्र में किसी व्यक्ति या नाम से ऊपर जनता और जनहित है। सरकार को नामकरण से अधिक जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए।







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