सीज हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा काटा,
24 मई 2025 को सीएमओ के आदेश पर डिप्टी सीएमओ हॉस्पिटल को किया था सीज,23 मई 2025 को एक व्यक्ति की लापरवाही से हुई थी मौत

नारीबारी के माँ शारदा हॉस्पिटल का मामला,अब तक दर्जनों मरीजों को इस हॉस्पिटल में हो चुकी है मौत,
लाश का सौदा करके लाखों रुपए देकर मरीज के परिजनों के मुंह बंद कर दिया जाता है,सब कुछ जानने के बाद विभागीय अधिकारी और प्रशासन मौन

एंकर — प्रयागराज जनपद के यमुनानगर शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अतर्गत नारीबारी स्थित मां शारदा हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा ।
मिली जानकारी के अनुसार प्रिया तिवारी 35 वर्ष पत्नी धर्मेंद्र तिवारी निवासी भगेसर थाना कोरांव 26 अगस्त मंगलवार को बुखार होने पर परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया जहां पर इलाज के बाद 2 सितंबर को मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया मरीज के परिजन द्वारा बताया गया कि यहां से जाते ही मंजू तिवारी की हालत बिगड़ने लगी , पुनः अस्पताल आने पर अस्पताल द्वार कोई इलाज नहीं किया गया और प्रयागराज अस्पताल के लिए एंबुलेंस से रेफर कर दिया जहां अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर द्वारा बताया गया कि महिला की मृत्यु हो चुकी है ।
मृतक मंजू तिवारी की नाबालिक मासूम तीन बेटियां है, मंजू की मौत के बाद उसके पति धर्मेंद्र का रो रोकर बुरा हाल है , जिससे मरीज की परिजन शव को अस्पताल के सामने रख कर विरोध जताने लगे, मौके पर एसीपी बारा कुंजलता शंकरगढ़ थाना और नारीबारी चौकी की पुलिस टीम पहुंचकर परिजनों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। मिली जानकारी के अनुसार 18 लाख रुपए में परिजनों से समझौता किया गया,स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी इस हॉस्पिटल में किसी मरीज की मौत होती है तो बवाल करने वाले परिजनों के साथ लाश का सौदा करके रफा दफा कर लिया जाता है। जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को भी है लेकिन कोई कार्यवाई नही की जाती।
सबसे बड़ी बात ये है कि सीएमओ के आदेश पर 24 मई 2025 माँ शारदा हॉस्पिटल को लापरवाही को देखते हुए सीज किया गया था,इसके बावजूद भी ये हॉस्पिटल कैसे चल रहा है,स्थानीय लोगों की माने तो सीज होने के तीसरे दिन के बाद ही ये हॉस्पिटल फिर संचालित हो गया था,विभागीय अधिकारियों की इसकी जानकारी भी है








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