इस वक्त की सबसे बड़ी खबर वाराणसी से है रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर गांव में चल रहे अवैध कॉल सेंटर से 29 लोग पकड़े गए निवेश के नाम पर करते थे धोखाधड़ी
वाराणसी रोहनिया थाना क्षेत्र में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, पुलिस ने दर्जनों को गिरफ्तार कर किया फर्दाफाश

वाराणसी रोहनियां थाना क्षेत्र के अखरी में अवैध कॉल सेंटर चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी में 30 लोगों को गिरफ्तार किया उनसे पूछताछ के साथ ही विधिक कार्रवाई में जुटी रही। अवैध कॉल सेंटर से लोगों को फोन कर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही थी डीसीपी प्रमोद कुमार ने वाराणसी पुलिस लाइन स्थित सभागार में पत्रकारों को बताया कि रोहनियां पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी की। उस दौरान कॉल सेंटर पकड़ा गया वहां से लगभग 29 लोग पकड़े गए हैं इनमें काफी संख्या में नार्थ ईस्ट के निवासी हैं। वहीं कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं। दो मैनेजर हैं जिनके निर्देशन में कॉल सेंटर संचालित हो रहा था डीसीपी ने बताया कि कॉल सेंटर से दर्जनों कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल बरामद किए गए हैं कॉल सेंटर से लोगों को फोन कर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की जाती थी। लोगों को निवेश में लाभ का लालच देकर उन्हें चूना लगाया जा रहा है कॉल सेंटर से साइबर ठगी का रैकेट चल रहा था अभियुक्त कौशलेन्द्र तिवारी कॉल सेंटर संचालक व अन्य अभियुक्तगण द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि हम लोगों द्वारा एक बाहरी कम्पनी से कालिंग पोर्टल खरीद लिया जाता है। जिस पर लॉगिन करने के पश्चात हमें विदेशी नागरिकों के मोबाइल नं० प्राप्त होते हैं उसी पोर्टल के माध्यम से हम लोग उन्हीं विदेशी नागरिकों के मोबाइल नम्बरों पर आई०वी०आर० काल जनरेट करते हैं जो कि अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि प्लेटफार्म पर की गयी परचेजिंग व उसके डिलेवरी के कन्फर्मेशन से सम्बन्धित होती है। चूंकि यह आई०वी०आर० काल फर्जी होती है इसलिये विदेशी नागरिक इन प्रोडक्ट को लेने से पहले इन्कार कर देते हैं। फिर हमारे ऑफिस में बैठे डायलर द्वारा इनसे फोन पर वार्ता कर तमाम प्रकार का झांसा जैसे पार्सल में इम्स, चाइल्ड पोग्राफी कन्टेन्ट आदि दिया जाता है तब जा कर यह लोग हम लोगों के झांसे में आ जाते हैं। फिर डायलर द्वारा यह काल हमारे ऑफिस में बैठे एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया जाता है और उसके द्वारा इन विदेशी नागरिकों के बैंक से सम्बन्धित सभी एकाउन्ट आदि की जानकारी ले ली जाती है उस व्यक्ति द्वारा यह काल हमारे ही ऑफिस में बैठे तथाकथित लीगल अथॉरिटी क्लोजर के पास ट्रांसफर की जाती है। इस क्लोजर के द्वारा विदेशी नागरिकों से पुलिस बनकर बात की जाती है एवं तमाम बातों का हवाला देते हुये उनका पैसा बिट कॉइन मशीन व तमाम प्रकार के गिफ्ट कार्ड आदि के माध्यम से पैसों को ले लिया जाता है तथा इन प्राप्त पैसों को विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से हमारे द्वारा अपने पास मंगा लिया जाता है। डायलर को जनको दिये गये लैपटाप में जो स्क्रिप्ट लिखी होती है वह जसी को पढ़कर इन विदेशी नागरिकों से बात करते हैं। हम सभी लोग अपनी पहचान छुपाने हेत फर्जी व कूटरचित आधार कार्ड भी बना रखे हैं जिससे कोई हम लोगों की सही पहचान न कर सके गिरफ्तारी बरामदगी करने वाली पुलिस टीम
रोहनिया थाना प्र०नि० राजू सिंह उ०नि० दिनेश सिंह उ०नि० विशाल कुमार सिंह, उ०नि० धर्मेन्द्र राजपूत उ०नि० रामकुमार पाण्डेय, उ०नि० भरत चौधरी, उ०नि० नीरज गुप्ता उ०नि० मो० परवेज, उ०नि० अमीर बहादुर सिंह म०3०नि० रागिनी तिवारी म०उ०नि० मान्सी चौरसिया म०उ०नि० निरुपमा यादव, हे०का० कमल सिंह, हे०का० रानू हे०का० चन्द्रेस सिंह हे०का० अमरनाथ यादव का० सुनील कुमार, का० धनन्जय सिंह, का० मनोज कुमार का० रावेन्द्र कुमार, का० राजू कुमार, का विशाल कुमार गौड़ का० सुमन्त व म०का० रोशनी कुमारी मौजूद रहे






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