सिंगापुर दौरे में ओडीओपी के भी ब्रांड अंबेसडर बने सीएम योगी
विदेशी प्रतिनिधियों को भेंट कर रहे बनारस की गुलाबी मीनाकारी की कलाकृतियां
सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ‘लोकल टू ग्लोबल’ का सशक्त उदाहरण बनी ओडीओपी

वाराणसी, 24 फ़रवरी काशी की ऐतिहासिक गलियों से निकलकर अब गुलाबी मीनाकारी की कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुंच गई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर दौरे पर पारंपरिक धरोहरों में शामिल ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) उत्पादों को विशेष उपहार के रूप में विदेशी प्रतिनिधियों को भेंट कर रहे हैं। निवेश के साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान से ‘लोकल टू ग्लोबल’ का यह सशक्त उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओडीओपी योजना के तहत प्रत्येक जिलो की पारंपरिक विशेषता को इंटरनेशनल मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। बनारस की गुलाबी मीनाकारी भी इनमे से एक है । वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी अपनी अनूठी शिल्प शैली के लिए लोकप्रिय है। चांदी और सोने पर बारीक नक़्क़ाशी के बाद तप कर गुलाबी मीनाकारी का गुलाबी रंग विश्व पटल के हैंडीक्राफ्ट के मानचित्र पर गहरी छाप छोड़ रहा है।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त गुलाबी मीनाकारी के हस्तशिल्पी कुंज बिहारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा विदेशी प्रतिनिधियों को ये उत्पाद उपहार में देना राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देने के साथ-साथ विदेशी निवेशकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा और संभावनाओं से परिचित कराने का माध्यम बन रहा है। कुंजबिहारी ने बताया कि हम लोग के लिए खुशी की बात है कि मुख्यमंत्री गुलाबी मीनाकारी के उत्पाद स्वयं लेकर जापान और सिंगापुर के दौरे पर गए हैं।
ग़ुलाबी मीनाकारी को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है, जिससे इसकी विशिष्टता और गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणिक पहचान मिली है। इससे वैश्विक बाजार में ब्रांड वैल्यू बढ़ने के साथ ही भारतीय शिल्प की नई पहचान स्थापित हुई हैं।







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