March 2, 2026 4:57 am

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विधायक कैन्ट सौरभ श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट के समर्थन में बोलते हुए सदन में कहा.. बजट शानदार

विधायक कैन्ट सौरभ श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट के समर्थन में बोलते हुए सदन में कहा.. बजट शानदार

उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट केवल आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि 25 करोड़ प्रदेशवासियों के सपनों, विश्वास और भविष्य की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक है-सौरभ श्रीवास्तव

यह बजट विकास, समावेशन, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों पर आधारित है-विधायक, कैंट

बजट में सड़कों, एक्सप्रेस-वे, रेल कनेक्टिविटी, मेट्रो परियोजनाओं और हवाई अड्डों के विस्तार आदि के लिए 94000 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं

बेहतर कनेक्टिविटी न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देती है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी को भी कम करती है

 

वाराणसी। विधायक वाराणसी कैन्ट सौरभ श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट के समर्थन में बोलते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट केवल आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि 25 करोड़ प्रदेशवासियों के सपनों, विश्वास और भविष्य की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक है। यह बजट विकास, समावेशन, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों पर आधारित है। यह प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित है। उत्तर प्रदेश आज देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह बजट एक सशक्त कदम है। 9 लाख करोड़ के इस बजट में उत्तरप्रदेश की असाधारण क्षमता स्पष्ट रूप से दिख रही है। आज से नौ वर्ष पूर्व जो प्रदेश बीमारू राज्यों में गिना जाता था आज आदरणीय मोदी जी, योगी जी और खन्ना जी के नेतृत्व में यह प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है। इस बजट में आर्थिक वृद्धि को और गति देने के लिए औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में सड़कों, एक्सप्रेस-वे, रेल कनेक्टिविटी, मेट्रो परियोजनाओं और हवाई अड्डों के विस्तार आदि के लिए 94000 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं। बेहतर कनेक्टिविटी न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देती है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी को भी कम करती है। प्रदेश में निवेश और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 27103 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट से 13% अधिक है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) क्षेत्र को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है, और सभी 75 जिलों में एकीकृत औद्योगिक केंद्र विकसित करने की भी योजना है। क्योंकि यही क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार सृजित करता है। नए औद्योगिक पार्क, ओडीओपी, नई स्टार्टअप नीति और निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयास निश्चित रूप से प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएँगे। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र प्रत्येक युवा को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। आने वाले समय AI का है| AI मिशन के लिये 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 30000 करोड़ से 8 डेटा सेंटर पार्क की स्थापना, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को रोबोटिक्स हब बनाने तथा स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। टेक युवा : समर्थ युवा योजना के तहत प्रदेश के 25 लाख युवाओं को नई तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है। अतः बजट में कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है और खाद, उन्नत बीज एवं सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था बजट में की गई है। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का प्रयास है। दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन को भी आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में प्रोत्साहित किया गया है। प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक के लिए कुल 1.12 लाख करोड़ की व्यवस्था की गई है। नए विद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों की स्थापना की योजना है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वस्थ समाज ही सशक्त समाज होता है। इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए कुल बजट का 6% यानी कुल 37956 करोड़ का प्रावधान है। जिला अस्पतालों के उन्नयन, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, टीकाकरण कार्यक्रमों को विस्तार देने और गरीबों के लिए सस्ती चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाने की योजना है। यह बजट महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान देता है। महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार और महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, विधवा पेंशन और गरीब परिवारों के लिए आवास योजनाओं का विस्तार किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचे। इस बजट में हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश में हरियाली बढ़ने पर विशेष जोर दिया गया है और सामाजिक वानिकी के तहत 800 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वाकई काबिले तारीफ है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार, वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किए गए हैं। स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। नगर निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराकर शहरी जीवन को सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मंडल मुख्यालय वाले जनपद केंद्र में स्पोर्ट्स कॉलेज की व्यवस्था की योजना है जिससे एशियाई और ओलिंपिक खेलों के लिए प्रदेश की युवा प्रतिभाएं निखरेगी और प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी।
उन्होंने कहा कि मैं विश्व की सांस्कृतिक राजधानी काशी की कैन्ट विधानसभा क्षेत्र से चुना गया हूँ। पूर्व की सरकारों ने काशी की महत्ता के अनुरूप काशी का विकास नही किया। पर काशी के सांसद, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने काशी का अकल्पनीय विकास किया है। धार्मिक पर्यटन, खेल, मूलभूत सुविधाएं आदि सभी क्षेत्रों में काशी में आई बड़ी परियोजनाओं ने काशी को विश्व के फलक पर चमका दिया है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके मार्गदर्शन में जनता की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बजट में काशी के लिए भी बहुत कुछ है। ₹100 करोड़ की राशि, बनारस के धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर और सुगम करने के लिए निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य घाटों, यातायात व्यवस्था, सफाई, सुरक्षा और लोकल सेवाओं का विकास करना है, जिससे धार्मिक पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिले। बजट में काशी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन और समन्वित विकास गतिविधियाँ सम्मिलित हैं, जिससे बनारस के आसपास के क्षेत्रों में भी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता का बजट है। यह बजट केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय योगी जी के नेतृत्व और कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही आज परिणाम है कि विगत नौ वर्षों में बिना कोई नया टैक्स लगाए प्रदेश विकास के पथ पर सतत बढ़ रहा है। निश्चित रूप से लगभग 9.12 लाख करोड़ का यह दूरदर्शी बजट प्रदेश के युवा, महिला, उद्यमी, किसान और गरीब की आकांक्षाओं को साकार करेगा। अतः हम सभी का दायित्व है कि इस बजट की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करें। यदि सरकार, प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करें, तो उत्तर प्रदेश निश्चित ही देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन सकता है। आइए, हम सब अपनी ऊर्जा, क्षमता और नवाचार के साथ मिलकर इस बजट को प्रदेश की प्रगति का आधार बनाएं और उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। मेरे निर्वाचन क्षेत्र में बड़े-बड़े काम हुए हैं। कई फ्लाईओवर, नए घाट, अंडरपास बने हैं। जो 2-4 बचे हैं, उनके लिए निवेदन करना चाहता हूं। मेरे क्षेत्र की एक बड़ी समस्या बाढ़ की थी। मात्र एक फ्लिपर गेट परियोजना से 50% निदान हो गया है। एक और फ्लिपर गेट लगाने से मेरा क्षेत्र पूरी तरह से बाढ़ मुक्त हो जाएगा। साथ ही अस्सी घाट से संत रविदास घाट और वहां से सामनेघाट तक कच्चे घाट पर कटान हो रहा है। इस पूरे पैच पर घाट पक्का करने से कटान से निजात मिल जाएगी। मेरा सौभाग्य है कि यशस्वी पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का पैतृक आवास भी मेरे विधानसभा क्षेत्र के रामनगर में आता है रामनगर में एक डिग्री कॉलेज और भाजपा सरकार द्वारा ही बनाए गए घाट के विस्तार की आवश्यकता है। साथ ही नगर निगम के विस्तारित क्षेत्रों, रामनगर, भगवानपुर, आदित्यनगर, भिखारीपुर, ककरमत्ता, शिवदासपुर आदि में मूलभूत सुविधाओं के लिए पैकेज की आवश्यकता है। काशी पौराणिक कुंडों की नगरी है। पूर्व की सरकारों में उन पर कब्जे कर पाटने का कुत्सित प्रयास किया जाता था, जिन्हें आंदोलन कर बचाया गया। सगरा, सोनिया, देवपोखरी, मोतीझील, रामनगर का भव्य माँ दुर्गा मंदिर और ऐतिहासिक कुंड आदि तालाबों-कुंडों के संरक्षण की आवश्यकता है। विश्व प्रसिद्ध रामलीला से जुड़े स्थलों का संरक्षण भी आवश्यक है। साथ ही राजा साहब रामनगर की सहमति से रामनगर किले में स्थित म्यूजियम के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है। मैं पुनः लोकहित को समर्पित इस बजट के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय वित्तमंत्री जी के प्रति आभार ज्ञापित करता हूँ।”

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Author: Liveupweb

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