March 26, 2026 4:02 am

Home » liveup » हर गांव तक बस, हर गांव तक सुविधा: 12 हजार से ज्यादा गांवों की बदलेगी तस्वीर

हर गांव तक बस, हर गांव तक सुविधा: 12 हजार से ज्यादा गांवों की बदलेगी तस्वीर

हर गांव तक बस, हर गांव तक सुविधा: 12 हजार से ज्यादा गांवों की बदलेगी तस्वीर

शोर कम, काम ज्यादा: योगी सरकार की योजना से कनेक्टिविटी का नया मॉडल

सिर्फ सड़क नहीं, सेवाओं की भी पहुंच : ग्रामीण परिवहन से खुलेगा अवसरों का रास्ता

 

लखनऊ, 25 मार्च उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवहन विकास को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026 के तहत लगभग 12,200 ऐसे गांवों में बस सेवा शुरू की जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। यह पहल सिर्फ बस चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गांव तक वास्तविक संपर्क सुनिश्चित करने की है। साफ संदेश है, जहां बस जाएगी, वहां संपर्क मार्ग भी होगा और वहीं से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच का रास्ता खुलेगा। ग्रामीण परिवहन पर खर्च 2011-12 में घरेलू बजट के 4.2% से बढ़कर 2022-23 में लगभग 7.5% हो गया है। यही वह अंतर है जो योगी सरकार को अन्य सरकारों से अलग करता है। शोर कम, काम ज्यादा और अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिबद्ध हैं।

अंतिम छोर तक बस सेवा पहुंचाने की ठोस रणनीति
प्रदेश में बीते वर्षों में सड़कों का व्यापक जाल बिछा, लेकिन 12 हजार से ज्यादा गांव अब भी सुविधाओं से कटे हुए थे। योगी सरकार ने इस अंतर को पहचानते हुए कनेक्टिविटी की परिभाषा को बदला है। अब केवल सड़क बनाना लक्ष्य नहीं, बल्कि उस सड़क पर नियमित परिवहन सुनिश्चित करना है। यह योजना 59,163 ग्राम सभाओं को जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। खास बात यह है कि करीब 5,000 ऐसे गांव, जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच सकतीं, वहां 28 सीटों तक की छोटी बसें चलाई जाएंगी। यानी दुर्गम इलाकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप तैयार है। बसों की सेवा प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार सुनिश्चित की जाएगी, जिससे लोगों को नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके। यह सेवा सुबह 10 बजे से शुरू होगी और बस को रात में 8 बजे तक गांव लौटाना होगा। बसों को परमिट प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए प्रदान किए जाएंगे, आगे इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

 

रोजगार और भागीदारी का नया मॉडल
इस योजना में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर भी विशेष जोर है। बसों के चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती आसपास के गांवों से की जाएगी, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही निजी ऑपरेटरों को भी जोड़ा गया है, जिन्हें परमिट और करों में छूट देकर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मॉडल न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।

निगरानी, विश्वसनीयता और रोजमर्रा की राहत
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी, जो संचालन, किराया निर्धारण और निगरानी का काम देखेंगी। बसों को रात तक गांवों में लौटना अनिवार्य होगा, जिससे सेवा की निरंतरता बनी रहे। यह पहल उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी, जो अब तक महंगे और अनियमित साधनों पर निर्भर थे। परिवहन खर्च में कमी आएगी और लगभग 1.5 करोड़ छात्रों को विद्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे ड्रॉपआउट दर पर भी असर पड़ेगा।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना यह स्पष्ट करती है कि विकास का असली पैमाना वही है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। योगी सरकार कनेक्टिविटी को सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि सुविधा, अवसर और सम्मानजनक जीवन से जोड़ते हुए एक नया मानक स्थापित कर रही है।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *