March 26, 2026 4:01 am

Home » liveup » वाराणसी का टीबी मुक्त अभियान: ग्रामीण बदलाव की नई मिसाल

वाराणसी का टीबी मुक्त अभियान: ग्रामीण बदलाव की नई मिसाल

वाराणसी का टीबी मुक्त अभियान: ग्रामीण बदलाव की नई मिसाल

विश्व टीबी दिवस पर कबीर चौरा अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 387 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

माननीय विधायक जी ने किया पोषण पोटली का वितरण

जनसहभागिता ही टीबी मुक्त अभियान की सफलता का प्रमुख आधार है- डॉ नीलकंठ तिवारी

 

वाराणसी, 24 मार्च 2026।
विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को कबीर चौरा स्थिति मंडलीय चिकित्सालय में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीबी मुक्त अभियान में जनपद वाराणसी ने स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल किया है। ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) उन्मूलन की दिशा में चल रहे अभियान के अंतर्गत जिले की कुल 694 ग्राम पंचायतों में से 387 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जो ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है।
इन 387 ग्राम पंचायतों में से 19 पंचायतों ने लगातार तीसरे वर्ष टीबी मुक्त रहने का गौरव प्राप्त किया है, जबकि 235 पंचायतें लगातार दूसरे वर्ष और 133 पंचायतें पहली बार इस श्रेणी में शामिल हुई हैं। यह निरंतर प्रगति जिले में बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता एवं प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। अभियान के अंतर्गत वाराणसी में अब तक लगभग 1,25,000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो इसकी व्यापकता और गंभीरता को स्पष्ट करता है। लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित होने वाली ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी की स्वर्ण रंग की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य ग्राम पंचायतों को भी प्रेरणा मिल रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वाराणसी ने सामाजिक सुधार के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने इस पहल को और व्यापक बनाने पर बल देते हुए कहा कि जनसहभागिता ही इसकी सफलता का प्रमुख आधार है।
इस दौरान डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा 50 टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया। साथ ही, उन्होंने 5 निक्षय मित्रों एवं 3 टीबी चैंपियनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सम्मानित निक्षय मित्रों में डॉ. स्वर्णलता सिंह, डॉ. कामाख्या जायसवाल, उजाला हॉस्पिटल रामनगर, गंगा सेवा सदन अस्पताल तथा रोटरी क्लब वाराणसी नॉर्थ शामिल रहे।
जिला क्षय रोग अधिकारी,  ने बताया कि जनपद में 23 टीबी यूनिट्स पर उपचार की सुविधा उपलब्ध है तथा 12 नांट केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी मरीजों को निःशुल्क जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अभियान को मजबूती मिल रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. राजेश प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन ने वाराणसी को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए आम जनता, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक तंत्र के बीच समन्वय एवं सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर एसआईसी डॉ बृजेश कुमार , डीटीओ, सीएमओ, रोटरी क्लब के पदाधिकारी, डिप्टी डीटीओ वाराणसी, सम्मानित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान एवं समस्त एनटीईपी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
यह अभियान न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धि है, बल्कि ग्रामीण समाज में जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण भी है।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *