पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश की तस्वीर बदली है-सुरेश खन्ना
इन 12 वर्षों में अब तक ऐतिहासिक विकास एवं जनहितकारी निर्माण कार्य कराए गए हैं-वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री
वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और उसी विजन के अनुरूप कार्य किया जा रहा है-प्रभारी मंत्री
काशी का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है
पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग ₹97 करोड़ तथा धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग ₹39.30 करोड़ व्यय किए गए
काशी में विगत 12 वर्षों में रू 36,211 करोड़ से अधिक लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास एवं पुलिस कल्याण आदि से संबंधित 536 मुख्य वृहद् परियोजनायें पूर्ण कराकर आमजन को लोकार्पित की गयी हैं
इसके अतिरिक्त लगभग 25,000 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है
जनपद में रू 22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण सम्बन्धी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण कराया गया है

वाराणसी। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा वाराणसी जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्र सरकार के बेमिसाल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में पत्र-प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए केंद्र सरकार द्वारा कराये गए जनकल्याणकारी विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा की पीएम मोदी को प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की तस्वीर बदली है। अब तक ऐतिहासिक विकास एवं जनहितकारी निर्माण कार्य कराए गए हैं। पहले बेरोजगार युवकों को अपने प्रमाण पत्रों को प्रमाणित कराने के लिये राजपत्रित अधिकारी के पास जाना होता था, अपने प्रधानमंत्री काल के पहले वर्ष में ही सेल्फ अटैस्टेड की व्यवस्था बनाई। उत्तर प्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी बनाया गया। जबकि प्रदेश के 7 सिटी को उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी बनाया। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और उसी विजन के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
मंत्री सुरेश खन्ना ने जनपद वाराणसी की विगत 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताते हुए कहा कि काशी का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक
सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के धाम को भव्य, दिव्य एवं विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत गंगा घाटों का व्यापक पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संरक्षण सुनिश्चित किया गया। पंचकोशी परिक्रमा पथ के पांच प्रमुख पड़ावों- कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर एवं कपिलधारा का व्यापक विकास कराया गया। पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग ₹97 करोड़ तथा धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग ₹39.30 करोड़ व्यय किए गए। 42 धर्मशालाओं, तालाबों, घाटों एवं तीर्थ सुविधाओं का विकास किया गया। सारनाथ में बुद्ध थीम पार्क, प्रकाश एवं ध्वनि शो, पर्यटक आवास गृहों के उन्नयन, सारंगनाथ मंदिर विकास एवं बौद्ध पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये व्यय किए गए। संत रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन, कालभैरव मंदिर, केदारेश्वर, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास कराया गया। काशी यात्रा ऐप विकसित कर श्रद्धालुओं को बहुभाषीय डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई गई।
आधुनिक आधारभूत संरचना एवं अभूतपूर्व कनेक्टिविटी की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि विगत 12 वर्षों में वाराणसी की आधारभूत संरचना में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। धार्मिक-सांस्कृतिक
धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम, रिंग रोड, स्मार्ट सिटी, गंगा घाटों का पुनर्विकास, पंचकोसी यात्रा मार्ग, आधुनिक स्वास्थ्य संस्थान, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, किसानों- उद्यमियों को वित्तीय सहायता, और पर्यटन-आधारित अवसंरचना ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, फोरलेन मार्गों, फ्लाईओवरों, रेलवे ओवरब्रिजों एवं संपर्क मार्गों के निर्माण से जनपद की यातायात व्यवस्था पूरी तरह परिवर्तित हुई है।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि काशी में विगत 12 वर्षों में रू0 36,211 करोड़ से अधिक लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, एसटीपी, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास एवं पुलिस कल्याण आदि से सम्बन्धित 536 मुख्य वृहद् परियोजनायें पूर्ण कराकर आमजन को लोकार्पित की गयी हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 25,000 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनपद में रू0 22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण सम्बन्धी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू 5,813 करोड़ से अधिक लागत के सड़को एवं सेत्तुओं का निर्माण कार्य प्रगति है। 01,529 करोड़ से अधिक लागत से रेलवे, एयर पोर्ट एवं जलमार्ग का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसके अतिरिक्त 4,934 करोड़ से अधिक लागत की रेलवे, एयरपोर्ट व अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। लगभग ₹3,375 करोड़ की लागत से 784 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया। बाबतपुर मार्ग, लहरतारा – चौकाघाट फ्लाईओवर एवं अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं ने शहर को जाममुक्त एवं तीव्र गतिशील बनाया है। ग्रामीण संपर्क मार्गों के विस्तार से गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बाजार से बेहतर जोड़ मिला है। स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत जनपद में रू0 877.65 करोड़ की लागत से 34 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं जिनमें मुख्य रूप से काशी इन्टीग्रेटेड कमाण्ड कन्ट्रोल सेन्टर, शहर में 720 स्थलों पर उन्नत सर्विलांस कैमरे, वाराणसी स्पोट्र्स काम्पलेक्स सिगरा, टाउन हाल शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण, थ्री डी अरबन डिजिटल मैप एवं गौदौलिया चैक पर मल्टीलेवल टू व्हीलर पार्किंग का निर्माण आदि है। रू0 1000 करोड़ से अधिक लागत की 60 सीवरेज एवं पेयजल सम्बन्धी परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 2100 करोड़ से अधिक लागत की पेयजल एंव सीवरेज सम्बन्धी परियोजनायें प्रगति पर हैं। रू0 512 करोड़ से अधिक लागत की शिक्षा से सम्बन्धित 32 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू0 544 करोड़ से अधिक लागत की 10 परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1100 करोड़ की लागत से शहरी विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरो में विद्युतीकरण, 220 के०वी० विद्युत उपकेन्द्र निर्माण एवं बायो सीएनजी प्लान्ट आदि का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू 1,657 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1870.36 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य सम्बन्धी 43 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं, जिनमें मुख्य रूप से कैंसर इन्सटीटयूट, होमी भाभा कैन्सर हास्पिटल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 430 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण, जिला महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में सौ शैय्यायुक्त मैटरनिटी विंग का निर्माण एवं बोन मैरो ट्रान्सप्लान्ट एण्ड स्टेम सेल रिसर्च सेन्टर हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में स्वास्थ्य अवस्थापनाओं सम्बन्धी 914 करोड़ की परियोजनायें निर्माणाधीन हैं। रू0 128.07 करोड़ की लागत से खेलकूद सम्बन्धी 06 परियोजनायें पूर्ण करायी गयीं है जिनमें सिगरा स्पोर्टस स्टेडियम, जिला शूटिंग रेंज स्पोर्टस स्टेडियम, लालपुर में 100 बेड क्षमता के बालक, बालिका छात्रावास व पब्लिक पवेलियन आदि मुख्य हैं। पुलिस वेलफेयर से सम्बन्धित रू087 करोड़ की लागत से 17 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू088 करोड़ की लागत से 03 परियोजनायें प्रगति पर हैं। वाराणसी शहर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट ग्राम-गंजारी में लगभग 100-150 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त क्षेत्र को काशी स्पोर्ट सिटी टाउनशिप के रूप में विकसित किये जाने की योजना है।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगातार बढ़ते भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न यातायात दबाव और जाम की समस्या के समाधान हेतु 48 हेक्टेयर पर ट्रांसपोर्ट नगर योजना विकसित की जा रही है। मण्डलायुक्त कार्यालय परीसर में 2.6 एकड़ भूमि पर एकीकृत मण्डलीय कार्यालय परिसर (ICCC) का निर्माण युद्व स्तर पर प्रगति में है, जिसमें 58 विभागों को एक ही भवन में स्थानांतरित करने की योजना है। वाराणसी शहर में शिवपुर तिराहे से सेन्ट्रल जेल होते हुए जे०पी० मेहता तिराहे को जाने वाले मार्ग को संगीत पथ के रुप में रु0354.23 लाख की लागत से विकसित किया गया है। रू0 144.53 करोड़ की लागत के लाटभैरव सेतु का निर्माण कार्य भी पूर्ण कराया गया है। जनपद की महत्वाकांशी योजनाओं के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गंजारी, रोप-वे, जल परिवहन के हाईड्रोजन पावर वीहकल तथा एयरपोर्ट टर्मिनल एवं रन-वे का विस्तार आदि
परियोजनायें भी शीघ्र ही पूर्ण हो जायेंगी। वाराणसी आज उत्तर भारत के प्रमुख परिवहन केन्द्रों में स्थापित हो चुका है। वाराणसी जंक्शन, बनारस स्टेशन सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया तथा यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अनेक नई रेल सेवाओं एवं बेहतर संपर्क व्यवस्था से वाराणसी का देश के प्रमुख महानगरों से सीधा जुड़ाव मजबूत हुआ है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार, आधुनिक टर्मिनल सुविधाओं का विकास एवं यात्री क्षमता में वृद्धि ने वाराणसी को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुलभ बनाया है। सड़क, रेल, वायु एवं जलमार्ग के समन्वित विकास ने वाराणसी को पूर्वांचल का प्रमुख लॉजिस्टिक, व्यापारिक एवं परिवहन केन्द्र बना दिया है। गंगा जलमार्ग, क्रूज पर्यटन एवं वैश्विक पहचान राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के विकास के साथ वाराणसी देश के प्रमुख अंतर्देशीय जल परिवहन केन्द्र के रूप में उभरा है। विश्व के सबसे लंबे नदी क्रूज ‘गंगा विलास’ के शुभारंभ ने वाराणसी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। मल्टी मॉडल टर्मिनल, आधुनिक जेट्टी, क्रूज सेवाओं एवं जल परिवहन सुविधाओं ने व्यापार, पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है। आज वाराणसी
धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ नदी पर्यटन का भी वैश्विक केन्द्र बन चुका है। विद्युत क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। जनपद में विद्युत व्यवस्था को आधुनिक एवं निर्बाध बनाने हेतु व्यापक निवेश किया गया। आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 456 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए तथा 8 प्रमुख पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई। लगभग 1.42 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए। ₹881.55 करोड़ की लागत से भूमिगत केबलिंग तथा ₹584 करोड़ से अधिक लागत से विद्युत आधुनिकीकरण कार्य संचालित की जा रहे हैं। इन प्रयासों से विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। स्वच्छ, हरित एवं आधुनिक काशी के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत लगभग ₹1,583 करोड़ लागत की पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत की गई। भगवानपुर एसटीपी परियोजना पर लगभग ₹308 करोड़ व्यय किए गए तथा लोहता एसटीपी परियोजना प्रगति पर है। शहर में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार कर गंगा की स्वच्छता एवं शहरी स्वच्छता कोई मजबूती दी गई। 392 अमृत सरोवरों का निर्माण कर जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वाराणसी पूर्वांचल की स्वास्थ्य राजधानी के रूप में उभरा है। 500 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पांडेयपुर में सरस्वती देवी दमानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। दीनदयाल अस्पताल के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर लगभग ₹113.88 करोड़ व्यय किए जा रहे हैं, जिससे 198 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे। कबीरचौरा, मंडलीय एवं जिला चिकित्सालयों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को ₹5 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं किसान समृद्धि के दृष्टिगत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत लगभग 3.05 लाख किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 32,500 किसानों द्वारा लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि विकास कार्यक्रम संचालित किए गए तथा किसानों को लगभग ₹20 करोड़ का अनुदान प्रदान किया गया। 3.83 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया। डेयरी विकास, पशुपालन, कृत्रिम गर्भाधान एवं नन्दिनी योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए गए। महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका क्रांति के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया। लगभग 12 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को ₹152 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। 59 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में विकसित हुईं। 135 काशी प्रेरणा कैफे एवं 65 काशी प्रेरणा मार्ट स्थापित किए गए। बैंकिंग सखी, डिजिटल बैंकिंग, ई-रिक्शा संचालन, सामुदायिक उद्यम एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों ने महिलाओं की आय एवं सामाजिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि की है।गरीब कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 38,378 ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत लगभग 19.39 लाख बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से लाखों पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया। निवेश, उद्योग, बुनकर कल्याण एवं रोजगार सृजन के दृष्टिगत वाराणसी में निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। लगभग ₹23.5 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 50 हजार से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ। बनारसी साड़ी, हस्तशिल्प, काष्ठ कला, कृषि आधारित उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया गया। ओडीओपी, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा एवं मुद्रा योजनाओं के माध्यम से बुनकरों, शिल्पकारों एवं पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, उपकरण, विपणन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। 54 हजार से अधिक व्यापारियों को डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया गया।शिक्षा, कौशल एवं युवा विकास के अंतर्गत विद्यालयों के कायाकल्प, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल शिक्षा, छात्रावासों एवं आधुनिक शैक्षणिक भवनों के निर्माण से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, अभ्युदय विद्यालय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का विस्तार किया गया। गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार किया गया। गंजारी में लगभग ₹331 करोड़ की लागत से 30,000 दर्शक क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगी बल्कि पर्यटन, रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी।

कानून व्यवस्था, सुरक्षा एवं सुशासन की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन, पीएसी परिसर एवं अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण पर विशेष कार्य किए गए। आधुनिक बैरकों, प्रशासनिक भवनों, आवासीय सुविधाओं एवं आधुनिक उपकरणों से तंत्र को मजबूत सुरक्षा किया गया। तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था ने वाराणसी को सुरक्षित एवं सुशासित जनपद के रूप में स्थापित किया है। अभिनव पहल अन्तर्गत सबल काशी, कुपोषण के खिलाफ 10 सूत्री काशी रणनीति, काशी प्रेरणा कैफे, प्रोजेक्ट विद्या शक्ति एवं स्वस्थ दृष्टि समृद्व काशी आदि उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जनपद ने आर्थिक विकास की नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। GDP 2017 के ₹22,586 करोड़ से बढ़कर आज ₹56,900 करोड़ तक पहुँच चुकी है, और प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर ₹1,14,685 रुपये हो गई है। यह प्रगति जिले की सुदृढ़ आर्थिक क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है। विगत 12 वर्षों में वाराणसी ने “विरासत और विकास” के समन्वित मॉडल के रूप में पूरे देश को नई दिशा प्रदान की है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक गौरव की रक्षा करते हुए आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सशक्त किसान, आत्मनिर्भर महिलाएं, सुरक्षित समाज एवं तीव्र आर्थिक विकास की दिशा में काशी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज वाराणसी केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के परिवर्तन, सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं समग्र विकास का
प्रेरणादायी मॉडल बन चुकी है। काशी की यह विकास यात्रा “नए भारत” के निर्माण को निरंतर ऊर्जा, दिशा एवं प्रेरणा प्रदान कर रही है।








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