सुप्रीम कोर्ट से ज़्यादा दखलअंदाज़ी न करने को कहा गया!
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पाँच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कल पदोन्नति के पहलू पर केवल सामान्य निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को निचली न्यायपालिका से दूर रहना चाहिए क्योंकि अनुच्छेद 227(1) के तहत यह उच्च न्यायालयों का अधिकार क्षेत्र है।

उच्च न्यायालय : उद्देश्य उच्च न्यायालयों की शक्तियों का अतिक्रमण करना नहीं है। हम केवल एकरूपता के लिए मानदंडों पर विचार कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय : “ज़िला न्यायपालिका से दूर रहें, यह हमारा अधिकार क्षेत्र है। उच्च न्यायालयों को न्यायिक अधिकारियों के लिए सेवा नियम बनाने दें।
ऐसे निर्देश उच्च न्यायालयों की संवैधानिक शक्तियों में हस्तक्षेप करेंगे।”
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई : “हमारा उच्च न्यायालय के अधिकार को कम करने का कोई इरादा नहीं था। हम नामों की सिफ़ारिश करने में उच्च न्यायालयों के विवेकाधिकार को नहीं छीनेंगे।”








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