नव निर्माण के9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा प्रदेश का बजट, यूपी बना “अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट: मुख्यमंत्री
– मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विस्तार से बताई बजट की उपलब्धियां
– यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य
– स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ, 11 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट 9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है।
प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है।
स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं।
आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है।
बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के तहत नाबार्ड ने किसान के साथ एफपीओ के लिए रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था की है। इन्हें अतिरिक्त सुविधा और फैसिलिटेट किया जा सके, इसके लिए भी बजट में व्यवस्था की गयी है। गन्ना के साथ तिलहन और दलहन फसलों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। यूपी के किसानों के प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट करने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एग्री एक्सपोर्ट हब्स के रूप में विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश में कृषि और बागवानी उत्पादों की क्वालिटी है और उसका प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। वर्ल्ड बैंक के साथ यूपी एग्रीज प्लेटफॉर्म, यूपी एग्रीज के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसको एआई से जोड़ने के लिए भी घोषणा की गयी है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट तय किया गया है। यहां पर वेयरहाउसिंग का निर्माण हो, बड़े-बड़े गोदाम बने इसके लिए विशेष सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। वहीं पशुओं को बीमा सुरक्षा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन और पशुधन बीमा योजना का प्रावधान किया गया है, जिसमें 85 फीसदी तक जो प्रीमियम होगा, वह सरकार देगी। प्रदेश में मछुआरों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मंडी और फिश प्रोसेसिंग सेंटर के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा वर्ल्ड फिश, फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। चार चीनी मिलों की क्षमता संवर्धन का प्रावधान किया गया है, जिसमें छाता मथुरा के अश्वनी और लॉजिस्टिक हब वेयरहाउसिंग कांप्लेक्स के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है और अन्य चीनी मिलों में भी इसकी व्यवस्था के प्रावधान किए गए हैं।
स्किल डेवलपमेंट के लिए केंद्र की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। आगरा-लखनऊ से हरदोई-फर्रुखाबाद गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र तक यानी शक्तिनगर तक इसके विस्तार की घोषणा हुई है। गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ-हरिद्वार तक ले जाने के लिए भी बजट में घोषणा की गई है और पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को सोनभद्र के शक्तिनगर तक, चंदौली, गाजीपुर के गाजीपुर तक ले जाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। यूपी में बायोफ्यूल प्लास्टिक संस्थान केंद्र को भी विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा एफडीआई फॉर्च्यून 500 में आने वाली कंपनियों के लिए भी बजट में घोषणा की गई। हर जिले में स्किल डेवलपमेंट के एक बड़े केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसे हब और स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लायमेंट जोन के लिए भी घोषणा की गई, जिसमें 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ क्षेत्रफल के एक बड़े क्लस्टर में स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना के तहत स्थानीय खाद्य पदार्थों की ब्रांडिंग की जा सके, इसको प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान बजट में किया गया है।
एसटीईएम और कौशल विकास को एआई मिशन से मिलेगी मजबूती: मुख्यमंत्री
– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बजट की विस्तार से बताई उपलब्धियां
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन के लिए बजट में प्रावधान
– उत्तर प्रदेश एआई मिशन, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडियन एआई डाटा लैब्स और डेटा सेंटर क्लस्टर की होगी स्थापना
– डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा और साइबर अपराध रोकने के लिए होगी साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना
– बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था के लिए भी बजट में प्रावधान

लखनऊ, 11 फरवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे ऑनलाइन शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के आधुनिक अवसरों से जुड़ सकें।
साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर से साइबर फ्राड पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए विशेष पहल की गई है। खासतौर पर पुराने कंबल कारखानों के आधुनिकीकरण की दिशा में बजट में प्रस्ताव रखा गया है। हर वर्ष गरीबों को कंबल वितरण के लिए अतिरिक्त प्रावधान करने पड़ते हैं, ऐसे में कंबल उद्योग के आधुनिकीकरण से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश एआई मिशन के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडियन एआई डेटा लैब्स की स्थापना, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है और वर्तमान में कई डेटा सेंटर की स्थापना हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एआई के लिए आवश्यक डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। इस नई योजना से प्रदेश में तकनीकी निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अपने पूर्व में दिए गए सफल मॉडलों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऑपरेशन कायाकल्प और निराश्रित बच्चों तथा निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शुरू किए गए अटल आवासीय विद्यालय के मॉडल को आधार बनाते हुए अब बेसिक शिक्षा परिषद में सीएम कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। बजट में सभी 75 जनपदों में प्रत्येक जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।
विकासखंडों में होगी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के उन विकासखंडों में जहां अब तक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं थे या उनकी मांग लंबे समय से की जा रही थी, वहां इन विद्यालयों के विस्तार की व्यवस्था की गई है। सरकार ने परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों और अन्य शिक्षकों के लिए भी बड़ी राहत की घोषणा की है। इनके लिए आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सभी प्रकार के शिक्षक इस योजना से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा एआई का उपयोग माध्यमिक स्तर से ही प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए बजट में विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई है। साथ ही बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने शिक्षा, कौशल, तकनीक और सशक्तिकरण के समन्वय को मजबूत करने के लिए एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और डाटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष पहल की है। इन क्षेत्रों में प्रदेश को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा की दृष्टि से नए कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
एआई मिशन के जरिये एसटीईएम को दिया जाएगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (एसटीईएम) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एसटीईएम एआई मिशन की घोषणा की गई है। इसके तहत राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य तकनीकी संस्थानों को एक बड़े कार्यक्रम के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसमें एआई इनेबल्ड लैब की स्थापना, स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियां और एआई से संबंधित सामग्री को स्थानीय भाषा हिंदी में उपलब्ध कराने की व्यवस्था शामिल है। इसके साथ ही नॉलेज पार्टनर के रूप में डीपटेक के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों को जोड़ने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट में विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है।
महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड और उत्पाद विपणन योजना से आधी आबादी होगी और सशक्त
– मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बजट की विस्तार से बताई उपलब्धियां
– महिला, युवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और दिव्यांगजन कल्याण को केंद्र में रखकर सीएम योगी ने पेश की विकास की दिशा
– वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेडक्वार्टर, वन स्पोर्ट्स कॉलेज की परिकल्पना होगी पूरी
– स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति, एसजीपीजीआई में स्थाापित होगा देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर

लखनऊ, 11 फरवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और दिव्यांगजन कल्याण को केंद्र में रखते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रोडमैप पेश किया है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
युवाओं के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना
मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए ई क्यूब के रूप में एंप्लाइमेंट, इंटरप्राइसेस और एक्सीलेंस के तहत उल्लेखनीय प्रगति की है। बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसे आगे बढ़ाने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना की बजट में घोषणा की गई है, जो केंद्रीय बजट में प्रस्तावित सी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी। इसके साथ ही बजट में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से महिलाओं को ब्याज मुक्त पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे छोटे-छोटे उद्यमों के लिए महंगे कर्ज के बोझ से मुक्त रह सकें और लखपति दीदी लक्ष्य को साकार किया जा सके। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए भी बजट में धनराशि सुनिश्चित की गई है। बजट में युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना रखी गई है। प्रदेश के 18 कमिश्नरी मुख्यालयों पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अप्रैल-मई तक पूरी हो जाएगी, जहां शैक्षणिक सत्र पहले से प्रारंभ हो चुके हैं। वर्ष 2030 अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में भारत की प्रस्तावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और स्टेडियम निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, जिसे खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा।
एसजीपीजीआई में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर होगा स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में भी लंबी छलांग लगाई है। वर्ष 2017 से पहले खराब सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश के धार्मिक, हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म स्थलों पर 122 करोड़ पर्यटकों ने यात्रा की। बजट में पीपीपी मोड पर 1 लाख अतिरिक्त होटल रूम जोड़ने और 50,000 नए होम-स्टे विकसित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिला गाइडों के लिए 10,000 रुपये का लाइसेंस शुल्क माफ कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जहां कुल 36 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 2 एम्स और कई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 करोड़ 46 लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी कर यूपी देश में अग्रणी राज्य बन चुका है। हर जिले में निःशुल्क डायलिसिस, रेडियोलॉजी सेवाएं (एमआरआई, सीटी, कलर डॉप्लर, डिजिटल एक्स-रे) उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही एसजीपीजीआई लखनऊ में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए प्रथम चरण में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सेंटर विशेष रूप से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष फोकस
सीएम ने बताया कि बजट में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है, जिससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें और चिकित्सा शिक्षा के वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाया जा सके। वहीं सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में भी बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके और जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष फोकस किया गया है। बजट में मिडटेक (मेडिकल टेक्नोलॉजी) की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक तकनीक और अन्य आधुनिक सहायता प्रणालियों का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों तक भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि बड़े शहरों तक सीमित आधुनिक इलाज का लाभ अन्य जनपदों के लोगों को भी मिल सके। वर्तमान में राज्य में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इनमें से एक सेंटर लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में कार्यरत है, जबकि दूसरा सेंटर आईआईटी कानपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की है और इन पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोड सेफ्टी की दृष्टि से आवश्यक प्रावधान किए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके। सड़क हादसों, अन्य दुर्घटनाओं या किसी भी प्रकार की आपदा के समय ट्रॉमा सेवाएं मजबूत रहें, इसके लिए प्रदेश में नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है।
हेल्थ सेक्टर में मिडटेक की स्थापना के साथ एआई, रोबोटिक पर जोर
राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के अंतर्गत राज्य वन हेल्थ मिशन के लिए भी धनराशि की व्यवस्था इसमें की है और जो हमारे मेडिकल कॉलेजेस हैं, उन मेडिकल कॉलेजेस में छात्रावास का निर्माण हो सके, इसके लिए भी हम लोगों ने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की है। इसके अलावा प्रदेश के अंदर रोड सेफ्टी की दृष्टि से रोड सेफ्टी के लिए आवश्यक प्रावधान करने के साथ-साथ अगर कोई घटना दुर्घटना होती है, रोड एक्सीडेंट होता है या कोई आपदा आती है, उन स्थितियों में ट्रॉमा हमारा उतना ही सशक्त हो, इसके लिए ट्रॉमा के लिए भी नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए भी धनराशि की व्यवस्था सरकार ने इस बजट में इसके लिए की है और प्रदेश के अंदर मेडिकल के सेक्टर में भी, हेल्थ सेक्टर में भी मिडटेक की स्थापना हो, इसमें एआई, रोबोटिक आदि की हम सहायता के माध्यम से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी सुविधा उपलब्ध करवा सकें, अन्य जनपदों में उपलब्ध करवा सकें, इसके लिए वर्तमान में हमारे दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एक एसजीपीजीआई लखनऊ में और दूसरा आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर के राज्य सरकार इसके लिए धनराशि की व्यवस्था की है और इसमें कार्य हमारा चल रहा है और हमने इसमें धनराशि की व्यवस्था भी की है।
दिव्यांग बच्चों के लिए डे केयर सेंटर की होगी स्थापना
सीएम ने बताया कि बजट में उच्च शिक्षा में मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बजट में स्मार्टफोन और टैबलेट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वहीं बजट में दिव्यांगजन कल्याण के तहत छात्राओं के लिए ई-ट्राइसाइकिल, डीडीआरसी की स्थापना, कृत्रिम अंग वितरण केंद्र तथा 3 से 7 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है। वहीं दिव्यांग बच्चों के प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए नौ जनपदों वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, झांसी, मेरठ और आगरा में केंद्र की स्थापना की जाएगी। सीएम ने कहा कि आज का बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पनाओं को समर्पित है, जो 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बॉटलनेक्स और बीमारू स्टेटस को समाप्त करते हुए, भारत की इकोनॉमी के ब्रेकथ्रू के रूप में हम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, अब उत्तर प्रदेश भारत की इकोनॉमी का एक ग्रोथ इंजन बन करके उभरा है। आज का बजट वर्ष 2029-30 में यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।








Users Today : 21
Users Yesterday : 9