केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री, काशीवासियों को दी बधाई
पहले जिसे कोई पूछता नहीं था, उसे अब सब पूजते हैं, पीएम स्वनिधि योजना में वाराणसी में 60 हजार वेंडर्स को प्रथम, 26,800 को द्वितीय व 5 हजार वेंडर्स को तृतीय किस्त मिलीः मुख्यमंत्री
एक लाचार पीएम कहते थे कि 100 रुपये भेजता हूं तो नीचे केवल 15 रुपये पहुंचते हैं, जबकि मोदी जी 100 रुपये भेजते हैं तो सीधे गरीब के खाते में जाता हैः सीएम योगी
रोपवे के माध्यम से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नया मॉडल दे रहा काशीः सीएम
वाराणसी, 12 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब कोई महान व्यक्तित्व नेतृत्व करता है तो वह देश असुरक्षा, भ्रष्टाचार से मुक्त होकर महान बनता है। देश का नेतृत्व करने वाले महान व्यक्तित्व काशी के सांसद नरेंद्र मोदी हैं। पीएम मोदी ने गरीबी देखी है, इसलिए बाबा विश्वनाथ व मां गंगा ने उन्हें गरीब की पीड़ा समाप्त करने की सामर्थ्य दी है। सीएम ने तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद सपने हकीकत में बदल रहे हैं। जब संवेदनशील व्यक्तित्व नेतृत्व करता है तो संवेदना दिखती है। सीएम ने बाबा विश्वनाथ व मां गंगा से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री मोदी का यशस्वी नेतृत्व लंबे समय तक देश को मिलता रहे।
सीएम योगी ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक जनसेवा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में काशीवासियों से संवाद किया।
बाबा विश्वनाथ धाम का हर व्यक्ति गौरवान्वित
सीएम ने कहा कि बाबा विश्वनाथ धाम का हर व्यक्ति अभिभूत व गौरवान्वित है, क्योंकि 12 वर्ष पहले नए भारत को नेतृत्व देने के लिए काशी ने सांसद के रूप में मोदी जी का चुनाव किया। सही चुनाव जनमानस को सम्मान दिलाता है। देश मोदी जी के निर्वाचित पीएम के रूप में नए रिकॉर्ड को लेकर उत्साहित है, ऐसे में उनके साथ काशी का नाम भी जुड़ता है।
सीएम ने 2014 के पहले की दुर्दशा बताई
सीएम योगी ने पीएम मोदी की सफलतम नेतृत्व क्षमता का अभिनंदन करते हुए काशीवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमने मोदी जी के नेतृत्व में बदलते भारत को देखा है। 2014 के पहले की अव्यवस्था व भ्रष्टाचार ने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल कर दिया था। चारों ओर अविश्वास, आंतरिक-वाह्य सुरक्षा पर खतरा, हर तबके में निराशा व हताशा थी। पिछली सरकारों की गलत नीतियों ने उद्यमियों को श्रमिक बना दिया। श्रमिक पलायन, किसान आत्महत्या करने को मजबूर था। नौजवान के लिए नौकरी, रोजगार व दिशा भी नहीं थी। महिलाएं असुरक्षित थीं। हर योजना लागू होने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी।
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