सीएमओ संग राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी ने पिलाई पोलियो ड्रॉप, अभियान का हुआ शुभारंभ
पोलियो की वैक्सीन सुरक्षित व असरदार, बच्चों को जरूर पिलाएं – सीएमओ
रविवार को बूथ दिवस पर 2.85 लाख बच्चों को पिलाई गई पोलियो ड्रॉप
आज से घर-घर जाकर पोलियो की वैक्सीन पिलाएंगी आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

वाराणसी, 28 जून 2025
कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में आयोजित रविवार को बूथ दिवस पर राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अजय गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश कुमार ने बच्चों को पोलियो की ड्रॉप पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में रविवार को आयोजित 1805 बूथों पर 285356 बच्चों को पोलियो की वैक्सीन पिलाई गई। इसमें शहर के 706 बूथों पर 80135 और ग्रामीण के 1099 बूथों पर 205221 बच्चों को पोलियो की वैक्सीन पिलाई गई। आज सोमवार से 3 जून तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की वैक्सीन पिलाएंगी। इसके अलावा छुटे बच्चों को 06 जून को वैक्सीन पिलाई जाएगी। अभियान के तहत जनपद में शून्य से पांच वर्ष तक 5,44,106 बच्चों को वैक्सीन पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पोलियो की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने जन्म से लेकर पाँच वर्च तक के बच्चों को पोलियो की वैक्सीन अवश्य पिलाएं। इसके अलावा बच्चों को नियमित टीकाकरण के सभी टीकों को उम्र के अनुसार समय पर लगवाएं।
इस अवसर पर राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोलियो का वायरस किसी भी देश से आ सकता है, इसलिए जब भी पल्स पोलियो अभियान चले, तब जन्म से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की अतिरिक्त खुराक अवश्य पिलाई जाए, चाहे उसे नियमित टीकाकरण के सभी टीके और पोलियो की पूर्व खुराक मिल चुकी हो। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें तथा घर-घर भ्रमण के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, तभी पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि सुरक्षित बनी रहेगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ एस एस कनौजिया ने बताया कि रविवार को स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक विद्यालयों व कंपोजिट स्कूलों में जन्म से लेकर लेकर पाँच वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दी जाती है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाई जाती है। इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने में दी जाती है। इस अवसर पर डिप्टी डीआईओ डॉ नवीन सिंह, अपर शोध अधिकारी , डब्ल्यूएचओ से डॉ महेंद्र, जेएसआई के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ शाहिद , डीसी एवं सीएसओ कोर्डिनेटर व अन्य अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।








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