विश्व आयुर्वेद परिषद ने किया अग्निकर्म पर कार्यशाला और चर्मरोग पर व्याख्यान का आयोजन
वाराणसी। विश्व आयुर्वेद परिषद वाराणसी महानगर इकाई द्वारा राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर के चरक सभागार में अग्निकर्म पर कार्यशाला और चर्मरोग पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि वंदना के साथ हुआ। अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. डी.के. मौर्य ने की। विषय वस्तु पर प्रकाश महानगर अध्यक्ष प्रो. राकेश मोहन ने डाला। स्वागत भाषण महानगर सचिव डॉ. उमाकांत श्रीवास्तव ने दिया। मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद कुमार डीओ वाराणसी ने कार्यक्रम की सराहना की। प्रांत अध्यक्ष प्रो. विजय राय ने परिषद के कार्यों पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. रचना निगम ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. देवानंद ने किया। प्रथम सत्र में डॉ. मृगांक शेखर ने अग्निकर्म पर विस्तार से व्याख्यान दिया और 30 आतुरों पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों ने प्रत्यक्ष कर्माभ्यास किया। द्वितीय सत्र में प्रो. शांतनु मिश्रा ने चर्मरोग पर व्याख्यान देते हुए एकल एवं मिश्रित औषधियों के प्रयोग की जानकारी दी और चिकित्सकों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शल्य विभाग प्रमुख प्रो. अजय शर्मा, रसशास्त्र विभाग प्रमुख प्रो. संजय पांडे, डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. सुभाष श्रीवास्तव, वैद्य उमेश दत्त पाठक, वैद्य वीरेंद्र कुमार वर्मा, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. मनीष मिश्रा, बस्ती से पूर्व डीओ डॉ. वी.के. श्रीवास्तव और डॉ. रुचि तिवारी उपस्थित रहीं। सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रसशास्त्र के सिद्ध ज्ञाता स्व. प्रो. सिद्धिनंदन मिश्रा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।







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