काशी तमिल संगमम् 4.0अगस्त्य वाहन अभियान दल हैदराबाद पहुंचा
— भव्य स्वागत के साथ काशी तमिल परंपराओं के साथ लोगों को कराया गया अवगत
— दल के सदस्य स्वागत से हुए अभिभूत
वाराणसी/हैदराबाद, 6 दिसंबर। काशी तमिल संगमम 4.0 के तहत संचालित संत अगस्त्य वाहन अभियान, कार रैली हैदराबाद पहुंचा। वाहन अभियान के सदस्यों का हैदराबाद पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस कार रैली का उद्देश्य तमिल और भारतीय संस्कृति में रचे-बसे प्राचीन सभ्यतागत मार्ग को पुनः तलाशना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित काशी तमिल संगमम् 4.0 के तहत काशी और तमिल के बीच कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तेनकाशी से काशी तक भव्य संत अगस्त्य वाहन अभियान का आयोजन किया जा रहा है। 2 दिसंबर से शुरु हुआ यह अभियान 10 दिसंबर को काशी में समाप्त होगा।

शनिवार को हैदराबाद पहुंचने पर इस अभियान का भव्य स्वागत किया गया। अगस्त्य भारत यात्रा उद्दंश्य भारत की विविध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भाषाई एकता को रेखांकित करना है तथा अपने प्रेरणादायी सफर से राज्यों में जागरूकता और गर्व की भावना को सुदृढ़ करता है। लगभग 15–20 कारों और लगभग 100 प्रतिभागियों की यह रैली कुल 2,460 किमी की दूरी तय करेगी। यह अभियान महर्षि अगस्त्य से जुड़े ऐतिहासिक मार्ग का अनुसरण करेगा, जो भारतीय ज्ञान परंपरा में तमिलनाडु के महत्त्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
यह यात्रा पांड्य सम्राट आदि वीर पराक्रम पांडियन की गौरवशाली विरासत को भी नमन करती है—वे उत्तर भारत तक सांस्कृतिक एकता का संदेश लेकर गए थे और एक शिव मंदिर का निर्माण कराया, जिसके आधार पर उस स्थान का नाम तेनकासी (दक्षिण काशी) पड़ा। रैली अपने मार्ग में चेरा, चोल, पांड्य, पल्लव, चालुक्य और विजयनगर काल की सभ्यतागत कड़ियों को उजागर करती है। साथ ही यह क्लासिकल तमिल साहित्य, सिद्ध चिकित्सा और साझा सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाती है।








Users Today : 18
Users Yesterday : 9