Home » liveup » शादी के डी.जे. और वूफर के कंपन ने ले ली 50 साल के रामसूरत निषाद की जान

शादी के डी.जे. और वूफर के कंपन ने ले ली 50 साल के रामसूरत निषाद की जान

शादी के डी.जे. और वूफर के कंपन ने ले ली 50 साल के रामसूरत निषाद की जान. वाराणसी के चौबेपुर थाना अंतर्गत छितौनी गांव के निवासी रामसूरत निषाद जी के साथ, कल सोमवार की रात लेढूपुर इलाके में यह हादसा हो गया. पिछ्ले 6-7 वर्षों में उत्तर प्रदेश सहित देश के तमाम राज्यों में ऐसे हादसे होना आम बात बनती जा रही है.

 

वाराणसी, 9 दिसंबर 2025

वाराणसी के चौबेपुर थाना अंतर्गत छितौनी गांव के निवासी श्री राम सूरत निषाद, उम्र 50 वर्ष, इलाके में गोलगप्पे का ठेला लगाकर अपना और परिवार का पेट भरते थे. 2 साल पहले हृदय में ब्लॉकेज की समस्या हुई और आए दिन बीमार रहने लगे. कल सोमवार को पत्नी और भतीजा के साथ वाराणसी के माता आनंदमयी अस्पताल में चिकित्सक से दवा लेकर अपने गांव वापस लौट रहे थे की तभी लेढूपुर इलाके में, रात के लगभग 9 बजे, एक मैरिज लॉन के सामने बारातियों के डी.जे. पर डांस के चलते लगभग 1 किलोमीटर तक सड़क पर जाम लगा हुआ था. डॉक्टर ने रामसूरत जी को तेज आवाज से दूर रहने की सलाह दी थी मगर जाम के झाम में उनका ऑटो रिक्शा ऐसा फंसा कि चाह कर भी निकल नहीं सके. शोर के कारण रामसूरत निषाद की बेचैनी और हृदय गति को बढ़ते देख कर उनके परिजनों ने बारातियों से बार-बार हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि डी.जे. और वूफर बंद कर दें मगर बारातियों ने कहा कि यह शादी की बारात है और हम डी.जे. को नहीं बंद कर सकते. इसके बाद कुछ ही मिनट में, रामसूरत निषाद की मौके पर ही तड़प कर मौत हो गई. तेज आवाज के चलते हुई घबराहट, चिल्लाहट, असफल बहस और फिर मौत के बीच समय का फ़ासला इतना कम था कि अस्पताल ले जाने का मौका भी नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत करना उचित नहीं समझा और शव के साथ वहां से चले गए. पूरे इलाके में इस बात की खबर फैल गई कि डीजे के तेज शोर के चलते रामसूरत भैया नहीं रहे. ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने वाली संस्था,  ‘सत्या फाउण्डेशन’ को जब एक स्थानीय व्यक्ति ने आज सुबह यह खबर दी तो संस्था के सचिव चेतन उपाध्याय, मृतक के दरवाजे पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. ‘सत्या फाउण्डेशन’ के सचिव चेतन उपाध्याय ने कहा है कि भारत के कानून के मुताबिक दिन के दौरान भी अधिकतम 70 से 75 डेसीबल में ही साउंड को बजाया जा सकता है. आगे कहा कि दुनिया का कोई भी डी.जे. सिस्टम, 70 से 75 डेसीबल में नहीं बजाया जा सकता और इसलिए भारत के कानून में लाउडस्पीकर को धीमी आवाज में बजाने की बात कही गई है, और तेज ध्वनि वाले साउंड पर दिन में भी कार्रवाई का भय कायम करने के लिए पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर मुक़दमा करना होगा और सबसे अच्छा तो यह होगा कि सरकार कानून में संशोधन करे और सड़क पर या खुली जगह में केवल परंपरागत वाद्य यंत्रों को ही अनुमति मिलनी चाहिए.मृतक का नवीनतम छाया चित्र (Photo) इस ई-मेल के साथ संलग्न है।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

तिरंगे के रंग में रंगा लोहता, मंत्री अनिल राजभर बोले—युवा शक्ति से मजबूत हो रहा राष्ट्रप्रेम रामलीला मैदान से निकली भव्य तिरंगा यात्रा, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में युवाओं ने दिखाया उत्साह वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वाराणसी के लोहता क्षेत्र में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। रामलीला मैदान से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और स्थानीय लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा। तिरंगा यात्रा में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर युवाओं में उत्साह मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ और ‘तिरंगा यात्रा’ के आह्वान को देश के नौजवान, युवा और छात्र पूरी ऊर्जा के साथ सार्थक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने में तिरंगा यात्रा और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है। देशभक्ति के माहौल से नई ऊर्जा अनिल राजभर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रभक्ति से जुड़े अभियानों के चलते पूरे देश में राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत वातावरण बना है। तिरंगा यात्रा में युवाओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी देश के गौरव और सम्मान को लेकर बेहद जागरूक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से युवाओं को दिए जा रहे संदेश और देश के विकास की दिशा ने युवा शक्ति में नई ऊर्जा पैदा की है। आज देश का युवा आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। तिरंगे के साथ गूंजे देशभक्ति के नारे रामलीला मैदान से निकली तिरंगा यात्रा के दौरान युवाओं और लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया। मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से देश की प्रगति, एकता और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस तिरंगा यात्रा ने लोहता क्षेत्र में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। युवाओं के उत्साह और हाथों में लहराते तिरंगे ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।