वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी व वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला की प्रभावी बहस से मिली जमानत

वाराणसी की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या–02 ने थाना कोतवाली से संबंधित मुकदमा संख्या 1690/2019 में आरोपी मनीष कुमार को जमानत प्रदान की है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 403, 406, 504 एवं 506 के अंतर्गत दर्ज था।
इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से शशांक शेखर त्रिपाठी—जो वर्तमान में बनारस बार एसोसिएशन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी हैं वह वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला —ने मामले के तथ्यों, कानूनी पहलुओं और न्यायिक दृष्टांतों को मजबूती से प्रस्तुत किया। उनके साथ आशुतोष शुक्ला ने माननीय न्यायालय के समक्ष गहन, संतुलित और प्रभावी बहस की।

विद्वान अधिवक्ताओं की दलीलों से सहमत होते हुए माननीय अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मामला मूलतः व्यावसायिक लेन-देन से संबंधित है, अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा उसके फरार होने या साक्ष्यों/गवाहों को प्रभावित करने की कोई ठोस आशंका परिलक्षित नहीं होती।

अदालत ने आरोपी को ₹25,000 के निजी मुचलके एवं दो जमानतदारों के साथ रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही शर्तें लगाईं कि अभियुक्त जांच में सहयोग करेगा, समान प्रकृति का कोई अपराध नहीं करेगा तथा गवाहों को प्रभावित या भयभीत नहीं करेगा।
जमानत आदेश पारित होते ही पीड़ित परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और परिजनों ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा व्यक्त किया।
यह आदेश 20 दिसंबर 2025 को पारित किया गया।







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