Home » उत्तर प्रदेश » बांगलादेश में हिन्दू-विरोधी हिंसा !–बांग्लादेश पर प्रतिबंध व कट्टरपंथी गुटों पर कार्रवाई की वाराणसी के हिन्दू संगठनों की मांग !

बांगलादेश में हिन्दू-विरोधी हिंसा !–बांग्लादेश पर प्रतिबंध व कट्टरपंथी गुटों पर कार्रवाई की वाराणसी के हिन्दू संगठनों की मांग !

बांगलादेश में हिन्दू-विरोधी हिंसा !–बांग्लादेश पर प्रतिबंध व कट्टरपंथी गुटों पर कार्रवाई की वाराणसी के हिन्दू संगठनों की मांग !

 

वाराणसी – बांग्लादेश के मयमनसिंह क्षेत्र में हिन्दू दीपू चंद्र दास को कट्टरपंथी भीड़ ने पेड़ से बाँधकर जिंदा जला दिया । साथ ही बांग्लादेश में हिन्दू समाज को लक्ष कर उनके घर व दुकानो को जलाया जा रहा हैं । हिन्दू जनजागृति समिति ने इस हिंसा का तीव्र निषेध करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह तथा बांग्लादेश उच्चायुक्त के नाम से यहाँ के उप जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी श्री. आलोक वर्मा को कार्रवाई हेतु ज्ञापन सौंपा । इस समय वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, अधिवक्ता मदन मोहन यादव, अधिवक्ता संजीवन यादव, अधिवक्ता प्रवीण श्रीवास्तव,अधिवक्ता अवनीश राय,अधिवक्ता विकास तिवारी, अधिवक्ता अम्रत्या विशेन, रवि श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, विशाल मोदनवाल, डॉ अजय पटेल, सुनील गुप्ता, नीरज सिंह, मनीष गुप्ता, राजू वर्मा, अरविंद जायसवाल, कवींद्र जायसवाल, राजीव वर्मा, अरविंद लाल और समिति के राजन केशरी उपस्थित थे।
ज्ञापन में सतत हिन्दू-विरोधी हिंसा रोकने हेतु भारत सरकार से बांग्लादेश पर आर्थिक, व्यापारिक व राजनैतिक प्रतिबंध लगाने की मांग की गई । साथ ही बांग्लादेश के आतंकवादी एवं कट्टरपंथी गुटो के विरुद्ध कठोर सैन्य कार्रवाई की मांग उठाई गई ।
बांग्लादेश के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी पर ढाका में गोलीबारी हुई । उनके मृत्यु के उपरांत हिन्दू समाज के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा शुरू हुई । हिन्दू घरों, दुकानो एवं मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है । प्रत्यक्ष वीडियो, साक्ष्य व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने सत्य उजागर किया । फिर भी बांग्लादेश सरकार कार्यवाही से बच रही है । जनगणना अनुसार 1941 में 28% हिन्दू जनसंख्या अब केवल 7-8% रह गई । यह हिन्दू-निर्मूलन प्रक्रिया है ।
ज्ञापन में भारत-बांग्लादेश समझौते से अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्वतंत्र्य संरक्षण, संयुक्त राष्ट्र व मानवाधिकार आयोग में मुद्दा उठाकर फैक्ट-फाइंडिंग मिशन, उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता व पुनर्वास नीति, मंदिरों व धार्मिक संपत्ति का संयुक्त सर्वेक्षण, बांग्लादेश हिन्दू समाज से सीधा संवाद तंत्र जैसी मांगें हैं । भारत विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू बहुल देश होने के नाते बांग्लादेश हिंदुओं की सुरक्षा हेतु राजनैतिक, कानूनी एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रयास करे ।

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Author: Liveupweb

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रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव मिलने से सनसनी रेवसा रिंग रोड के समीप मंगलवार शाम मिला करीब 40 वर्षीय व्यक्ति का शव काफी प्रयास के बाद भी नहीं हो सकी पहचान, पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया शव चंदौली।

रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव मिलने से सनसनी रेवसा रिंग रोड के समीप मंगलवार शाम मिला करीब 40 वर्षीय व्यक्ति का शव काफी प्रयास के बाद भी नहीं हो सकी पहचान, पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया शव चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में रिंग रोड के समीप रेलवे क्रॉसिंग के बगल मंगलवार शाम अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की जानकारी अलीनगर पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। अज्ञात शव मिलने की खबर क्षेत्र में फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस अब मृतक की पहचान के साथ उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह रेलवे क्रॉसिंग के पास कैसे पहुंचा, इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल, चंदौली स्थित पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। पुलिस मृतक की पहचान कराने के लिए प्रयासरत है। पहचान होने के बाद नियमानुसार शव स्वजन को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।