February 19, 2026 4:26 am

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किसान दिवस पर सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई

किसान दिवस पर सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई

वाराणसी। प्रभारी, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन, सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ ,पशुपालन विभाग, दुग्धशाला विभाग, नलकूप खण्ड चन्दौली, लधुडाल नहर खण्ड, बन्धी प्रखण्ड, सिंचाई खण्ड जौनपुर, नलकूप खण्ड प्रथम, यू0पी0नेडा, मत्स्य, सहकारिता, रेशम, वन विभाग, गन्ना विकास विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक , सहायक निदेशक,मृदा परीक्षण/कल्चर, विद्युत विभाग एवं जनपद के समस्त विकास खण्डों से कृषकों द्वारा सहभागिता किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल एवं सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर राजेश कुमार राय द्वारा किया गया।
उप कृषि निदेशक द्वारा कृषकों को कृषि यंत्र, बीज मिनीकिट एवं सोलर पम्पों की आनलाईन बुकिंग के बारे में विस्तार से अवगत कराते हुए कृषकों से आग्रह किया गया कि माह अप्रैल से कृषि यंत्र, बीज मिनीकिट एवं सोलर पम्पों की आनलाईन बुकिंग प्रारम्भ हो जायेगी और आप अपने घर से ही कृषि यंत्र, बीज मिनीकिट एवं सोलर पम्पों की बुकिंग कृषि विभाग की बेवसाइड पर ऑन लाइन अपने मोबाईल के माध्यम से कर सकते है। यदि आप द्वारा मोबाईल से आॅनलाइन बुकिंग जानकारी न होने पर अपने घर से उन सदस्यों से भी करा सकते हेै, जिसकों मोबाईल चलाने की जानकारी हो। उपस्थित सभी कृषकों से अनुरोध किया गया कि अपने ग्राम एवं आस पास के किसानों को अधिक से अधिक फार्मर रजिस्ट्री कराया जाय तथा यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले कृषकों को ही प्राप्त होगी ।

 

इसके साथ ही माह अपै्रल से फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से सभी विभागो की सभी योजनाएं लिंक हो जायेगी तथा इसके अनुसार ही कृषकों को अनुमन्य सुविधा प्रदान की जायेगी। उप कृषि निदेशक द्वारा सभा में उपस्थिति सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि वर्तमान में अपने-अपने विभाग में चल रही विभिन्न योजनाओं के बारे में कृषकों को जानकारी देते हुए अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित किया जाये। पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत बीमारी से बचाव हेतु समय समय पर पशुओं का खुरपका-मुॅहपका, एस0एच0 व बकरियों में पी0पी0आर0 टीकाकरण कार्यक्रम विभाग द्वारा चलाया जाता है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशुचिकित्सालय (पशुचिकित्सा अधिकारी), पशु सेवा केन्द्र (पशु प्रसार अधिकारी) एवं जनपद स्तर पर मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग वाराणसी से सम्पर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय पशुधान मिशन योजनान्तर्गत बकरी पालन 100-500 (20 लाख से 01 करोड), भेड पालन 100-500 (20 लाख से 01 करोड), सूकर पालन 50-100 (30 लाख से 60 लाख), हैचरी/चूजा उत्पादन 1000 मुर्गी-100 मुर्गा (50 लाख)/साईलेज मेकिंग यूनिट ( 01 करोड एवं 50 लाख) पर भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान किया जाता है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत नन्दिनी/मिनी नन्दिनी कृषक समृद्वि योजना, मुख्यमंत्री स्वीदेशी गौसंवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना संचालित है। पशुधन बीमा योजनान्तर्गत सामान्य/पिछडा/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पशुपालक द्वारा कुल प्रीमियम का मात्र 15 प्रतिशत देकर 01 वर्ष/03 वर्ष का बीमा अपने पशुओं का करवा सकते है । 10 बकरी, 01 बकरा, 20 भेड एवं 01 मेढा की योजना भी गरीब निराश्रित विधवा महिला/पुरूष के लिए भी संचालित है। निराश्रित गोवंशों को संरक्षण अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल/बृहद गौ-संरक्षा केन्द्र पर संरक्षित किया जाता है । पशुपालन विभाग द्वारा नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजना के बारे में बताया गया, जिसमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अन्तर्गत अधिकतम रू0 80000 का अनुदान देय है, अनुदान 02 गाय की इकाई की स्थापना के लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम रू0 80000 तक अनुमन्य होगा । मिनी नन्दिनी कृषक समृद्वि योजना में स्वदेशी नस्ल के 10 गायों की इकाई स्थापना पर 50 प्रतिशत अनुदान देय है। इस योजना अन्तर्गत बाह्य प्रदेश से 10 उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायो ं(गिर, साहीवाल एवं थारपारकर प्रजाति) का क्रय कर इकाई स्थापना पर अनुदान प्राप्त किया जाता है। योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु पोर्टल आगामी वित्तीय वर्ष हेतु 25 मार्च से खोल दिया जायेगा ,पोर्टल के माध्यम से आन-लाइन आवेदन करने हेतु कृषकों से अनुरोध किया गया। विद्युत विभाग द्वारा वर्तमान चल रही पी0एम0 सूर्य घर मुक्त बिजली योजनान्तर्गत सोलर लगाने हेतु कृषकों से अनुरोध किया गया तथा बताया गया कि इससे बिजली एवं पैसा दोनो की बचत होती है, साथ ही बिल भी बहुत कम आता है। बिजली विभाग से कोई भी समस्या होने पर उन्हे तत्काल अवगत कराने हेतु अनुरोध किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि अभी विभागीय पोर्टल नही खुला है, आगामी वित्तीय वर्ष मंे पोर्टल खुलने पर इच्छुक कृषक विभिन्न योजना जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, सधन मत्स्य पालन एयरेशन सिस्टम योजना, मत्स्य किसान के्रडिट कार्ड योजना, सामूहिक दुर्धटना बीमा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी द्वारा उपस्थित कृषकों को बताया गया कि जनपद के सभी राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर सोलर लाइट ट्रैप, स्टिकी ट्रैप, हेलिकोवर्पा ल्यूर 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है , सोलर लाइट टैªप सौर उर्जा से चार्ज होता है, रात में प्रकाश से कीटों को आकर्षित कर उन्हे नियंत्रित करता है।  फसलों में तना छेदक, फली छेदक तथा सफेद मक्खी को आकर्षित कर पानी या जाली में फसाकर नष्ट कर देता है। यह किसानों के लिए रासायनिक कीटनाशकों से सस्ता पडता है। कृषकों द्वारा फसल बीमा का भुगतान न होने के बारे में शिकायत किया गया, जिस पर उपस्थित फसल बीमा के प्रतिनिधियो द्वारा अवगत कराया गया कि फसल बीमा की धनराशि मुख्यमंत्री जी उ0प्र0 सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ-2025 मोैसम की क्षतिपूर्ति के आधार पर होना है। कार्यक्रम की तिथि निर्धारित होते ही कृषकों के खातों में फसल बीमा की धनराशि का भुगतान किया जायेगा। कृषकों द्वारा वन विभाग की समस्या उठाई गयी ,मौके पर उपस्थित वन विभाग के प्रतिनिधि द्वारा कृषकों की समस्या का समाधान हेतु अवगत कराया कि शासन के निर्देश के क्रम में कुल 29 वृक्षों (आम, नीम, शाल, महुआ, बीजा शाल, पीपल, बरगद, गुलर, पाकड, अर्जुन, पलास, बेल, चिरौंजी, खीरनी, कैथा, इमली, जामुन, असना, कुसुम, रीठा, भिलावा, तुमुन, सलई, हल्दू, बाकली/करधई, धौ, खैर, शीशम, सागौन) को कटाई हेतु प्रतिबंधित किया गया है, जिनके कटाई/पातन हेतु वन विभाग से अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक है। उक्त 29 वृक्षों से भिन्न प्रजाति के निजी वृक्षों के कटाई/पातन/ढुलान पर अनुमति की आवश्यकता नही है। इसके अतिरिक्त जिन किसानों को अन्य वृक्ष की कटाई करनी हो वह प्रभागीय वनाधिकारी से अनुमति उपरान्त ही निजी वृक्षों की कटाई करायी जाय ।
अन्त में राजेश कुमार राय, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर वाराणसी द्वारा किसान दिवस में आये हुए सभी विभागों के अधिकारियों एवं कृषक बन्धुओं का आभार व्यक्त किया गया।

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Author: Liveupweb

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