एसआईआर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ लोकतांत्रिक प्रणाली की वैधता, सुदृढता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है-कुंवर मानवेंद्र सिंह
यह मतदाता सूचियो की सुचिता बनाए रखने तथा संवैधानिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करता है-सभापति, विधान परिषद्
सच्ची चुनावी निष्पक्षता पारदर्शी समावेशित और जन विश्वास में निहित है। जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र का सार है-सभापति, कुंवर मानवेंद्र सिंह
“एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर दो दिवसीय विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी का विधिवत् उद्घाटन किया

वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा विधान परिषद, लखनऊ की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को होटल क्लार्क में किया गया। विचार गोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के साथ किया गया।
तत्पश्चात् इस जवलंत एवं समीचीन विषय पर सभापति ने अपना मंतव्य स्पष्ट करने से पूर्व इस संस्थान के सम्मानित सदस्य अशोक कुमार चौधरी, अविनाश प्रताप सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि (एसआईआर) ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ लोकतांत्रिक प्रणाली की वैधता, सुदृढता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है एवं मतदाता सूचियो की सुचिता बनाए रखने तथा संवैधानिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करता है। सभापति ने अपने वक्तव्य में इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि सच्ची चुनावी निष्पक्षता पारदर्शी समावेशित और जन विश्वास में निहित है। जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र का सार है।
तत्पश्चात प्रमुख सचिव, विधान परिषद डॉ राजेश सिंह ने इस विषय पर विचार प्रकट करते हुए एसआईआर की आवश्यकता एवं मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। इसके उपरांत संस्थान के सभी गणमान्य सदस्यों एवं अतिथियों ने भी अपने बहुमूल्य विचार एवं सुझाव विचार गोष्ठी में व्यक्त किये। सभी वक्ताओं ने मूल विषय पर अपना ध्यान संकेंद्रित करते हुए इस विचार गोष्ठी को सफल बनाया। अंत में सभापति, विधान परिषद् द्वारा अतिथियों वक्ताओं को धन्यवाद व्यापित किया गया और इस दो दिवसीय विचार गोष्ठी को 14 मार्च के अगले सत्र के लिए स्थगित किया गया।








Users Today : 14
Users Yesterday : 45