काशी-सारनाथ को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी तेज
सीएसआर के जरिए घाटों का होगा कायाकल्प, 100 से अधिक इलेक्ट्रिक नावें चलाने की योजना
वाराणसी। काशी और सारनाथ को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। पर्यटन सचिव, भारत सरकार की अध्यक्षता में शनिवार को आयुक्त सभागार में स्टेकहोल्डर, टूरिज्म एसोसिएशन, विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें पर्यटन विकास से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से काशी में प्रस्तावित पर्यटन कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंड के माध्यम से घाटों समेत शहर के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के कायाकल्प की योजना है। इसके तहत काशी की गलियों का सौंदर्यीकरण व पुनर्विकास, मॉडल हेरिटेज गलियों का विकास और घाटों पर सीसीटीवी कैमरे व पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
घाटों पर चेंजिंग रूम, एकीकृत साइनेज और चांटिंग सिस्टम विकसित करने के साथ ही बुजुर्गों व दिव्यांग पर्यटकों के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। विरासत भवनों के जीर्णोद्धार, फूड एवं वेंडिंग जोन विकसित करने और पुराने घाटों की हेरिटेज इमारतों के रेस्टोरेशन पर भी जोर दिया जाएगा। सार्वजनिक शौचालयों को अपग्रेड करने की भी योजना है।
स्वच्छता के लिए 100 इलेक्ट्रिक स्कूटर
घाटों और आसपास की स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए 100 इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा फ्लोटिंग जेटी और एलईडी स्क्रीन लगाने की योजना है। गंगा नदी और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 100 से अधिक इलेक्ट्रिक नावें संचालित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
नगर आयुक्त ने विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से सीएसआर के माध्यम से इन परियोजनाओं में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वीजा, इंडसइंड बैंक, मेकमायट्रिप, अगोडा, एक्सिगो, कोका-कोला और इंडियन टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।








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