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वाराणसी, प्रयागराज एवं विंध्याचल मंडल की संयुक्त रबी उत्पादन गोष्ठी 2026 संपन्न

वाराणसी, प्रयागराज एवं विंध्याचल मंडल की संयुक्त रबी उत्पादन गोष्ठी 2026 संपन्न

वाराणसी। प्रदेश में रबी फसलों के उत्पादन, उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में वाराणसी, प्रयागराज एवं विंध्याचल मंडल की संयुक्त रबी उत्पादन गोष्ठी-2026 आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव कृषि एम. के. शन्मुगा सुन्दरम ने की। इसमें तीनों मंडलों के मंडलायुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। गोष्ठी में गेहूं, सरसों, चना, मटर, मसूर एवं मिर्च की उत्पादन रणनीति, उन्नत बीजों की उपलब्धता, संतुलित उर्वरक प्रयोग, सिंचाई प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा नवीन कृषि तकनीकों पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने कहा कि काशी की पवित्र भूमि पर इस प्रकार की गोष्ठी का आयोजन गौरवान्वित करने वाला है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय 50 मिलियन टन कृषि उत्पादन था जो आज बढ़कर 376 मिलियन टन हो गया है। देश में 75 मिलियन टन सरप्लस उत्पादन है, उत्तर प्रदेश में 74 मिलियन टन उत्पादन होता है। कृषि उत्पादन में दुनिया में हम तीसरे नंबर पर हैं और मेहनत करके अगले दो-तीन वर्षों में अमेरिका को तथा आठ-नौ वर्षों में चीन को भी पीछे छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी बीज, उर्वरक की कोई अनुपलब्धता नहीं है। ग्रेन फिलिंग के लिए पोटाश की आवश्यकता है, जिसमें एनपीके के प्रयोग को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि हम उर्वरक बहुत ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी में कार्बन की मात्रा 1.5 प्रतिशत से घटकर 0.5 प्रतिशत आ चुकी है, इस पर ध्यान देना होगा, नहीं तो अगले 20-25 वर्षों में मिट्टी अनुपजाऊ हो जाएगी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की समस्याओं को शासन स्तर पर देखने तथा सुधार का आश्वासन दिया। खरपतवार पर ध्यान देने के साथ डीएसआर विधि अपनाने, मिट्टी की टेस्टिंग और ढैंचा बुवाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम ने वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए उपायों पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि पहले गोष्ठियों में टेक्नोलॉजी की ज्यादा बात होती थी, अब इंटरनेट पर फोकस की आवश्यकता है। इंटरनेट के माध्यम से घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पाद बेचने के उपायों पर बल दिया। एयरपोर्ट पर स्थापित पैक हाउस का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भंडारण पूरी तरह वातानुकूलित हो, ऐसी व्यवस्था की गई है। उन्होंने किसानों से बीज का चयन अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से करने को कहा। चंदौली में रैक, पॉली हाउस की मांग, गाजीपुर में प्याज की खेती हेतु ट्रांसप्लांटर मशीन पर सब्सिडी दिलाने के लिए शासन में बात की जाएगी। उन्होंने किसानों से आय बढ़ाने हेतु कृषि तथा पशुपालन, मत्स्य पालन पर विशेष कार्य करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मंडल में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और मंडल में रबी उत्पादन साढ़े छह लाख हेक्टेयर पर हो रहा है। मंडलायुक्त प्रयागराज डॉ. लोकेश एम. ने बीज, उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, खेतों में टेल तक पानी की पहुंच समेत उत्पादन बढ़ाने के लिए नए टारगेट पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड हेतु बैंकों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं। मंडलायुक्त विंध्याचल राजेश प्रकाश ने विंध्याचल मंडल में सिंचाई तथा कैनाल की समस्याओं के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया।

 

 

 

गोष्ठी में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। विंध्याचल मंडल के प्रह्लाद सिंह ने अर्नब चक्रवात से हुए नुकसान हेतु फसल बीमा तथा जरगो पंप कैनाल की समस्याओं से अवगत कराया। भदोही के इन्द्रजीत मौर्य ने उपजाऊ जमीनों के अधिग्रहण पर चिंता व्यक्त की। प्रयागराज के सुनील कुमार ने मांडा क्षेत्र में क्रय केंद्र खोलने, कौशाम्बी से कुंवर चंद्र ने मंझनपुर के करारी में क्रय केंद्र खोलने तथा बासमती का उचित मूल्य मिलने की बात कही। वाराणसी मंडल से दिनेश सिंह ने खेत की मेड़ पर लगे सागौन वृक्ष काटने पर वन विभाग द्वारा परेशान करने, चंदौली से शशिकांत राय ने अर्नब तूफान से हुए नुकसान पर लाभ दिलाने, गाजीपुर से अंजू चतुर्वेदी ने मिलेट्स उत्पादों को बाजार दिलाने, जौनपुर से बृजेश कुमार ने सब्जी निर्यात की विधाओं को सरल बनाने तथा जौनपुर में एपीडा कार्यालय खोलने, सोनभद्र से बिरजू कुशवाहा ने घोरावल में 535 दिन से चल रहे किसानों के धरने की ओर ध्यान आकर्षित किया। एपीडा के सी. बी. सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का कृषि एवं संबंधित उत्पादन का निर्यात तीस हजार करोड़ के ऊपर जा चुका है। गोष्ठी में जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर द्वारा पवन तिवारी को तीन लाख का ऋण, हर्ष वर्धन व सतीश उपाध्याय को रूफ टॉप योजना से तथा प्याज खेती हेतु राजकुमार को किट व बीज वितरित किया गया। बैठक से पूर्व प्रमुख सचिव ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। अंत में संयुक्त निदेशक कृषि वाराणसी मंडल शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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Author: Liveupweb

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