February 12, 2026 3:57 am

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बलिया ;- मनाया गया बलिदान दिवस

बलिया ;- मनाया गया जेल को भाजपा के लोग पूरी तरह से खत्म कर रहे है यह हमारी ऐतिहासिक जगह जिसको गुजरात के लोग बेच रहे है- अजय राय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।

 

जिनके जेहनों में अंग्रेजों के प्रति प्रेम,मुगलों के प्रति प्रेम आज तक खत्म नहीं हुआ है वह चाहते है कि वह दौर हम वापस लेकर आए लेकिन हम भारतीय जनता पार्टी वाले होने नही देंगे – केतकी सिंह विधायक।

 

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/08/2025
एंकर – बलिया बलिदान दिवस 19 अगस्त 1942 में आज ही के दिन बलिया में ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेते हुए सैकड़ों क्रांतिकारी जेल से स्वतंत्र कराए गए थे जिसके बाद बलिया को देश में सबसे पहले आजाद होने का गौरव प्राप्त हुआ था महान क्रांतिकारी चितु पाण्डेय के नेतृत्व में लड़ी गई यह लड़ाई अस्मरणीय है वही सेनानियों के साथ जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह,दयाशंकर मिश्र दयालु, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह,बांसडीह विधायक केतकी सिंह भी रही मौजूद।

वही बलिया बलिदान दिवस पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सेनानियों को माल्यार्पण किया।अजय राय ने कहा कि आज बलिया बलिदान दिवस पर  सेनानियों के कार्यक्रम में बलिया आया हूं।जो देश की आजादी में इनकी अहम भूमिका थी आज जेल का फाटक खुला जो आठ परंपरा चली आ रही है।इस जेल को भाजपा के लोग पूरी तरह से खत्म कर रहे है यह हमारी ऐतिहासिक जगह जिसको गुजरात के लोग बेच रहे है सरकार से मांग करूंगा कि यह धरोहर है ऐतिहासिक चीज है इसको नही बेचा जाए बल्कि इसको छोड़ दीजिए क्योंकि यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी है।09 बजे का समय था और हम लोग सबको नमन किया है।वही बांसडीह विधानसभा से बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने कहा कि आज हम सब बलिया वालों के लिए बहुत ही गर्व का दिन था हम बलिया वाले है अपने को नही कहते है जब पूरा देश 1947 में आजाद हुआ तब मेरा बलिया 1942  में आजाद होकर यह दिखा दिया कि   बलिया के आगे बागी लगना उचित है बलिया बलिदान दिवस जब भी आता है तो बलिया वासी हम लोग संकल्प लेते है कि जब भी देश पर कोई आंच आएगी तो सबसे पहले अग्रणी भूमिका में आई आंच को अपने ऊपर लेकर झेलने का काम करेगा। वही कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर हमला बोली और कहा कि कुछ लोग ऐसे थे कि आगे आकर इस कार्यक्रम को जो कार्यक्रम की खुबसूरती थी और सर्वदलीय लोग इस कार्यक्रम को मनाते थे हर लोग कल्पना करता था जो कुछ लोग इस कार्यक्रम में घुस  कर इस कार्यक्रम को खराब करने का काम कर रहे थे।इस लिए वह परिस्थितियां बनी।कुछ लोग थे यह कह रहे थे कि पुनः देश गुलाम हो गया पुनः देश गुलाम हो गया हमे तो नही लगता की हमारे भारत देश में गुलामियत की मानसिकता भी है। हां यह कुछ लोग है जिनके जेहनों में अंग्रेजों के प्रति प्रेम,मुगलों के प्रति प्रेम आज तक खत्म नहीं हुआ है वह चाहते है कि वह दौर हम वापस लेकर आए लेकिन हम भारतीय जनता पार्टी वाले होने नही देंगे।यह तो क्लिप में देखकर पता चल जायेगा कि आखिर वह कौन कौन है बलिया का अगर नाम बदलेंगे तो उसका इतिहास बदल दिया जायेगा।हम लोगों के ऊपर किसी आक्रांता नाम थोड़े है कि उसको बदल दिया जाए।बलिया के लिए मेडिकल कॉलेज सबसे ज्यादा जरूरत है क्योंकि आज भी मरीज बलिया हॉस्पिटल से आजमगढ़, मऊ,वाराणसी रेफर हो जाते है उस चीज से लड़ने के लिए मेडिकल कॉलेज बहुत जरूरी है।

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Author: Liveupweb

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