‘पालतू कुत्तों का पंजीकरण कम जबकि इनकी संख्या हजारों में’
नगर निगम की मिनी सदन की बैठक में आवारा कुत्तों के बंध्याकरण, शेल्टर होम और पालतू कुत्तों के पंजीकरण को लेकर भी पार्षदों ने सवाल पूछे। कि सर्वोच्च न्यायालय ने पालतू कुत्तों के पंजीकरण को अनिवार्य किया है।

पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम 2023 के तहत नसबंदी और टीकाकरण होता है। लेकिन देखा गया है इनकी संख्या बहुत कम है। अब तक
केवल लगभग 300 पालतू कुत्तों का पंजीकरण हुआ है जबकि शहर में हजारों में इनकी संख्या है। नगर निगम प्रशासन को आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एबीसी कार्यक्रम और एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए।’

आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम को स्थायी शेल्टर होम का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजना चाहिए।








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