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प्रधानमंत्री के एक लाख युवा नेताओं के विज़न को साकार कर रहा है MY Bharat : डॉ. मनसुख मांडविया

प्रधानमंत्री के एक लाख युवा नेताओं के विज़न को साकार कर रहा है MY Bharat : डॉ. मनसुख मांडविया

‘संवाद के बिना समाधान संभव नहीं’ : चिंतन शिविर की भूमिका पर राज्य मंत्री रक्षा खडसे का जोर

‘विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत’ विषय पर चौथे चिंतन शिविर का लखनऊ में शुभारंभ

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग द्वारा मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)” विषय पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया गया। यह अपनी तरह का चौथा चिंतन शिविर है, जिसमें केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत युवा कार्य विभाग, MY Bharat, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), जिला युवा अधिकारी, क्षेत्रीय निदेशक तथा विभिन्न राज्यों से आए फील्ड अधिकारियों ने भाग लिया।
इस शिविर का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त एवं भविष्य के लिए तैयार युवा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने हेतु रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है। संरचित चर्चाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान तथा सहभागी नीति निर्माण के माध्यम से यह शिविर जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने और युवा विकास के लिए एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास करेगा।

 


उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव, युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, संयुक्त सचिव श्री शिव रतन तथा MY Bharat एवं NSS के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्तव्य देते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में चिंतन शिविर आयोजित करने का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के बीच संवाद, सहयोग और साझा सीखने की संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा, “चिंतन का अर्थ विचारों का संग्रह है। हमने यह शिविर संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया है, क्योंकि संवाद के बिना स्पष्टता नहीं होती और स्पष्टता के बिना प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।”
उन्होंने कहा कि MY Bharat प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा नेतृत्व का निर्माण करना है जो विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाए। प्रधानमंत्री के समाज के प्रत्येक वर्ग से एक लाख युवा नेताओं को विकसित करने के विज़न का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि MY Bharat युवाओं को नेतृत्व, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त मंच है।
उन्होंने जिला युवा अधिकारियों एवं NSS के अधिकारियों से कर्तव्य भाव और सेवा की भावना के साथ पंच प्रण के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं को केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण के मार्गदर्शक के रूप में देखें।
उन्होंने कहा, “अपने कार्य को केवल नौकरी न समझें। आपकी जिम्मेदारी देश के युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाना है। जब हम अधिकार के बजाय सेवा की भावना से कार्य करते हैं, तो परिणाम हमेशा बेहतर होते हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने जमीनी स्तर पर अधिक पहुंच सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों से आग्रह किया कि वे 15 अगस्त तक चल रहे MY Bharat पंजीकरण अभियान को और तेज़ करें तथा स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्थानीय समुदायों तक पहुंच बनाएं।
उन्होंने कहा, “MY Bharat को प्रत्येक युवा तक पहुंचाइए। प्रत्येक पात्र युवा को इस मंच से जोड़िए और अपने समर्पण तथा जमीनी प्रयासों से इस पंजीकरण अभियान को जन आंदोलन का रूप दीजिए।”
उन्होंने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब राष्ट्रीय संवाद के साथ-साथ राज्य स्तरीय संस्करण भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक युवा नेताओं को विकसित भारत @2047 की यात्रा में सहभागी बनने का अवसर मिलेगा।
शिविर को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि दो करोड़ से अधिक पंजीकरणों के साथ MY Bharat देश का सबसे बड़ा युवा मंच बन चुका है, जो राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं की बढ़ती प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर पहल ने संवाद-आधारित सुशासन को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है, जहां विभिन्न राज्यों के अधिकारी अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा करते हैं, क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हैं तथा सामूहिक रूप से व्यावहारिक समाधान विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा, “संवाद के बिना समाधान संभव नहीं है। सबसे अच्छे समाधान उन अधिकारियों के अनुभवों से निकलते हैं जो जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं।”
राज्य मंत्री ने केंद्र और राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से जमीनी स्तर पर युवा सहभागिता को और सशक्त बनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने युवाओं में राष्ट्रीय एकता और सेवा की भावना को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा, “यदि हम सभी एक साझा दृष्टि के साथ कार्य करेंगे, तो विकसित भारत का संकल्प अवश्य पूरा होगा। मंत्रालय युवाओं से जुड़ी प्रत्येक पहल को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिकारियों को पूरा सहयोग देगा।”
उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि यह चिंतन शिविर केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने MY Bharat को नवाचार, राष्ट्रभक्ति और युवा नेतृत्व का जन आंदोलन बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, “जब युवा जागृत होते हैं तो केवल योजनाएं और संस्थाएं नहीं बदलतीं, बल्कि पूरा राष्ट्र स्वयं बदल जाता है।”
उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत, विकासखंड तथा शैक्षणिक संस्थान को युवा नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी का केंद्र बनाने का आह्वान किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सफल जमीनी पहलों को अन्य राज्यों में भी अपनाने का सुझाव दिया।
अधिकारियों का स्वागत करते हुए युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि चौथा चिंतन शिविर विभागीय विचार-विमर्श को अधिक परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विभाग MY Bharat और NSS के बीच समन्वय को मजबूत कर रहा है, संस्थागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बना रहा है तथा केवल पंजीकरण तक सीमित न रहकर युवाओं की सार्थक सहभागिता को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा, “पंजीकरण हमारा अंतिम लक्ष्य नहीं है। हमारा वास्तविक उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, अनुभवात्मक शिक्षा और युवाओं की सार्थक भागीदारी के लिए मजबूत मंच तैयार करना है।”
उद्घाटन सत्र के बाद चिंतन शिविर में “संवाद से समाधान” विषय पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इनमें MY Bharat पोर्टल, डिजिटल युवा पंजीकरण एवं सहभागिता, MY Bharat–NSS निधि प्रवाह प्रणाली, अंतरविभागीय समन्वय तथा वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 पर प्रस्तुतियां दी गईं। इन सत्रों में अधिकारियों ने अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा किए तथा व्यावहारिक समाधानों पर सामूहिक चर्चा की।
राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा अनुभवात्मक शिक्षा, स्वयंसेवक जुटाने, युवा क्लबों तथा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां प्रस्तुत की गईं, ताकि अन्य राज्य भी इन सफल मॉडलों को अपनाने पर विचार कर सकें।
MY Bharat की मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अधिकारियों को “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत” अभियान की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत त्रिस्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनका समापन दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा शिखर सम्मेलन में होगा। इस अभियान का उद्देश्य नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अभिभावकों को संवेदनशील बनाना तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
पहले दिन का समापन दिनभर की प्रमुख चर्चाओं के सार-संक्षेप तथा विभिन्न विषयगत कार्य समूहों के गठन के साथ हुआ। ये समूह दूसरे दिन अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान हुई चर्चाओं ने सहयोगात्मक, परिणामोन्मुख सुशासन को बढ़ावा देने तथा “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत” के विज़न को साकार करने के लिए MY Bharat पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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Author: Liveupweb

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