हिमांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि हिमांचल में प्रकृति (पहाड़)हमारे लिए चुनौती नही है बल्कि वहीं हमारी शक्ति है, हम टूरिज्म को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करने के लिए दुनिया भर के टूरिज्म इंडस्ट्री को अपने यहाँ आमंत्रित कर रहे है। वें रविवार को नदेसर स्थित होटल ताज गैंगेज में चल रहे फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के 56 वें अधिवेशन के तीसरें दिन के उदघाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम दुनियाभर के पर्यटकों को प्रकृति के निकट रखना चाहते है। हमारा फोकस पर्यटकों को नेचुरल तरीके से नेचर के करीब रखने में विश्वास करते है, हम चाहते है कि टूरिस्ट हिमालय की गोद मे स्वच्छ हवा लेकर खुद को स्वस्थ्य रखें। एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री सुखू ने कहा कि हमारा प्रयास है की हिमांचल की एयर कनेक्टिविटी को और सहज किया जाए, इसके लिए धर्मशाला में एयरोसिटी का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास रहने के लिए मात्र 30 फीसदी ही जमीन उपलब्ध है, बावजूद इसके हमने बड़े होटेलियेर्स और रेस्टोरेंट चैन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से जमीन उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया है, जो भी प्रकृति के पास आकर निवेश करना चाहता है उनका स्वागत है। सम्मेलन में उनका स्वागत अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल एवं आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने गुलाबी मीनाकारी के स्मृति चिन्ह देकर किया।
पर्यटन उद्योग देश का ग्रोथ इंजन- गजेंद्र सिंह शेखावत
एफएचआरएआई के समापन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री कोई सामान्य इंडस्ट्री नही है, यह राष्ट्र निर्माण में काम करने वाली देश की सबसे मुख्य इंडस्ट्री में से एक है, यह राष्ट्र का ग्रोथ इंजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आगामी वर्षों में जीडीपी में इसकी 5 फीसदी से भागीदारी बढ़ाकर 10 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कृषि के बाद सबसे ज्यादा योगदान देने वाली इंडस्ट्री हो जायेगी। शेखावत ने कहा कि विगत एक दशक में सरकार के प्रयास से होटल इंडस्ट्री में असीमित संभावनाएं आयी है जिसका लाभ भारत के प्रत्येक नागरिक को मिल रहा है। एफएचआरएआई के प्रयास से स्थानीय स्तर पर रोजगार में भारी वृद्धि हुई है।
श्री शेखावत ने कहा कि जितनी संभावनाएं है उतनी ही चुनौतियां भी है इसलिए सरकार का प्रयास है कि हम सिर्फ आपके ऊपर जिम्मेदारी ना थोपे बल्कि संसाधन और उपयुक्त माहौल भी उपलब्ध कराएं। हम इज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि काशी में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत यहाँ की परंपरा करती है।
विशिष्ट वक्तव्य देते हुए मेवाड़ राजघराने के महाराजा लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि आज इटली से ज्यादा डेस्टिनेशन वेडिंग अपने देश मे हो रही है और इसकी शुरुआत हमारे परिवार द्वारा ही कि गयी। स्वागत उद्धबोधन देते हुए अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल ने कहा कि काशी का यह सम्मेलन अभूतपूर्व सफलता के साथ पूर्ण हुआ, जिसमें अब तक के सबसे ज्यादा 22 राज्यों और लगभग 20 देशों के 1500 प्रतिनिधि शामिल हुए है। धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने दिया। सम्मलेन में देशभर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ।होटल मैनेजमेंट के 56 छात्रों को सम्मानित किया गया।
श्रीलंका की हाई कमिश्नर ने संबंधों में प्रगाढ़ता पर दिया जोर- सम्मेलन में भारत मे श्रीलंका की हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने कहा कि भारत और श्रीलंका बहुत करीबी पड़ोसी है, और हमारे रिश्ते बहुत अच्छे है। मेरा विश्वास है कि यह आयोजन निश्चित तौर पर दोनों देशों को और करीब लाने का माध्यम बनेगा। यह सम्मेलन होटेलियेर्स, टूर ऑपरेटरों और टूरिज़्म इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों को एक साथ लाता है। अभी हर साल लगभग 2,80,000 श्रीलंकाई भारत आते हैं और लगभग 5,00,000 भारतीय श्रीलंका जाते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे के देशों में ज़्यादा निवेश करना चाहिए और लोगों के बीच आपसी संबंध बढ़ाने पर काम करना चाहिए। हमें आने वाले वर्षो में यह आंकड़ा दुगना करने का प्रयास करना चाहिए। उनके साथ सस्टेनबल एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की प्रमुख अंकिता जायसवाल ने उनके साथ संवाद किया।
टूरिज्म में बेहतर संवाद के लिए अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी- सम्मेलन में ईटीएस (टोइक प्रोग्राम) और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सयुंक्त रूप से जॉब रेलेवेंट इंग्लिश कम्युनिकेशन नीड्स फ़ॉर हॉस्पिटैलिटी रोल्स इन इंडिया की रिपोर्ट लांच की गई। इससे इस सेक्टर से जुड़े लोगों को जॉब रोल्स में अंग्रेजी लेवल समझने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, ईटीएस के ग्लोबल महाप्रबंधक रत्नेश झा, रीजनल डाइरेक्टर अजय प्रताप सिंह ने जारी किया।
मुख्यमंत्री सुखू ने उठाया बनारसी पान का लुफ्त- होटल में लगे एक्सपो का निरीक्षण करते हुए हिमांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने ओडिओपी के तहत लगे बनारसी पान के स्टाल पर रुककर मीठे पान का लुफ्त उठाया। मध्य प्रदेश टूरिज्म के स्टॉल पर एबीटीओ के प्रेसिडेंट कौलेश कुमार ने ख़तक भेंट कर उनका अभिनन्दन किया।








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