अब यूपी में हावी नहीं हो सकती माफिया प्रवृत्ति : सीएम योगी
गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
माफिया प्रवृत्ति को प्रदेश से जड़मूल उखाड़ दिया गया : मुख्यमंत्री
बहन, बेटियों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं बन सकते गुंडे : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 23 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि उत्तर प्रदेश दंगामुक्त और माफियामुक्त होगा। पर, आज दंगामुक्त, माफियामुक्त उत्तर प्रदेश हकीकत है। अब यूपी में माफिया प्रवृत्ति हावी नहीं हो सकती। माफिया प्रवृत्ति को जड़मूल से उखाड़ दिया गया है। अब गुंडे यहां बहन, बेटियों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं बन सकते। अब यूपी का आमजन परेशान नहीं होता और न ही यहां के नौजवानों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है।
सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम (मानबेला व राप्तीनगर विस्तार योजना) का लोकार्पण करने के बाद मानबेला में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। दोनों कल्याण मंडपम का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा क्रमशः 2 करोड़ 65 लाख तथा 85 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मानबेला में बने कल्याण मंडपम के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सकारात्मक बदलाव इसलिए आया है कि 2017 से जनता ने अच्छी सरकार चुनी। अच्छी सरकारें अच्छे के लिए सोचती हैं। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच कुछ सवाल रखे और फिर उसका जवाब भी दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश, फोरलेन कनेक्टिविटी, बंद खाद कारखाने को दोबारा चलाने, नए उद्योग लगवाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। पर, आज देश में सबसे ज्यादा निवेश यूपी में हो रहा है। बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं। हर तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी हो रही है। गोरखपुर का बंद खाद कारखाना दोबारा चालू हो गया है।
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बीमारी के साथ बीमार मानसिकता का भी किया इलाज
मुख्यमंत्री ने मानबेला के जिस क्षेत्र में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया, वह क्षेत्र 2017 तक इंसेफेलाइटिस की चपेट वाला माना जाता था। इंसेफेलाइटिस के इलाज और उन्मूलन के लिए सांसद के रूप में लंबा संघर्ष करने वाले सीएम योगी को यह बात याद है। इसका उल्लेख भी उन्होंने अपने संबोधन में किया। कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में नवकी बीमारी (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे काल के गाल में समा जाते थे। आठ वर्षों में सरकार ने इंसेफेलाइटिस और उसके कारकों का इलाज तो किया ही, प्रदेश को बीमार हाल पर छोड़ देने वाली बीमार मानसिकता का भी इलाज किया। यहां उनका इशारा पूर्व की सरकार की तरफ था।
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मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री
मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। कहा कि आठ वर्ष पहले इंसेफेलाइटिस का समाधान सोचना भी मुश्किल लगता था लेकिन आज इसका समाधान डबल इंजन सरकार द्वारा तय लक्ष्य से पहले हो गया है। सीएम ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में हर मां के चेहरे पर दहशत होती थी कि न जाने कौन सा बच्चा इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ जाएगा। इंसेफेलाइटिस पर नकेल से अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था नहीं थी। एक बेड पर चार बच्चे भर्ती रहते थे। आज मेडिकल कॉलेज का इंसेफेलाइटिस वार्ड एयर कंडिशन्ड हो गया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार के समय आमजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि तबकी सरकार ने गरीब को उसके हाल पर छोड़ दिया था।
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इलाज के लिए अब किसी को कोई दिक्कत नहीं
मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, इलाज के लिए योजनाओं के अभाव की चर्चा करते हुए कहा कि अब इलाज के लिए किसी को कोई दिक्कत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं हैं तो साथ ही गरीबों और बुजुर्गों के लिए पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान स्वास्थ्य योजना भी है। यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो उसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भरपूर मदद की व्यवस्था है। सीएम योगी बताया कि राज्य सरकार एक साल में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1100 करोड़ रुपये की मदद गंभीर बीमारियों से इलाज के लिए दे चुकी है।
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स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ कायाकल्प
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की चर्चा करने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च कर प्रदेश के, खासकर पूर्वी उत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प का विवरण भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि की 2017 के पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एकमात्र बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार था। उनकी सरकार आने के बाद अब वह स्वस्थ होकर मरीजों की बेहतरीन सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है।
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खाद कारखाना और पिपराइच की बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराया
मुख्यमंत्री मानबेला में थे तो इसके निकट उनके सुदीर्घ प्रयासों से दोबारा चालू खाद कारखाना का उल्लेख होना लाजिमी था। उन्होंने कहा कि बंद पड़े कारखाना और बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल का दोबारा शुरू होना सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि विकास की सोच से ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया जा सकता है।
गीडा में लग रहीं दर्जनों फैक्ट्रियां, युवाओं को घर के पास मिल रहा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोरखपुर में उद्योगों का लगना सपना था जबकि आज गीडा में दर्जनों बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लग रही हैं। युवाओं को रोजगार के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ रहा है। वह घर-परिवार देखते हुए पास में ही नौकरी-रोजगार पा रहे हैं।
हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से राप्तीनगर विस्तार योजना के तहत स्पोर्ट्स सिटी आवासीय क्षेत्र में एलआईजी और ईडब्लूएस लाभार्थियों को आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बताया कि आठ साल में यूपी में पीएम आवास योजना और प्राधिकरणों की स्कीम के तहत जरूरतमंदों को 57 लाख आवास उपलब्ध कराए गए। शासन-प्रशासन के सहयोग से जरूरमंद लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शासन का सहयोग उनके लिए यादगार बन रहा है।








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